Edited By Vijay, Updated: 09 Aug, 2026 04:46 PM

हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को अत्याधुनिक और मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने खजाना खोल दिया है। सरकार ने प्रदेश के प्रमुख अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में बुनियादी ढांचे के विकास और हाईटैक चिकित्सा उपकरणों की स्थापना के लिए 83.85 करोड़ रुपए...
शिमला (संतोष): हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को अत्याधुनिक और मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने खजाना खोल दिया है। सरकार ने प्रदेश के प्रमुख अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में बुनियादी ढांचे के विकास और हाईटैक चिकित्सा उपकरणों की स्थापना के लिए 83.85 करोड़ रुपए जारी किए हैं। इस बड़े कदम से राज्य के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए चंडीगढ़ या दिल्ली के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और उन्हें राज्य में ही विश्व स्तरीय इलाज मिल सकेगा।
इस बजट के तहत प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी शिमला को विशेष सौगात मिली है। यहां बोन मैरो ट्रांसप्लांटेशन की सुविधा शुरू करने के लिए स्पैक्ट और सैल सैपरेटर मशीनें स्थापित की जाएंगी, जिसके लिए सरकार ने 8 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। इसके अतिरिक्त आईजीएमसी में 12 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक 256 स्लाइस सीटी स्कैन मशीन स्थापित की जाएगी। वहीं, 3.50 करोड़ रुपए खर्च कर 6 अत्याधुनिक अल्ट्रासाऊंड और एक्स-रे मशीनों की खरीद भी की जाएगी।
मरीजों की सटीक और बेहतरीन जांच सुनिश्चित करने के लिए कांगड़ा जिले में स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा के लिए भी बड़ी राशि जारी की गई है। यहां मरीजों की सुविधा के लिए 6 अत्याधुनिक अल्ट्रासाऊंड मशीनों की खरीद की जाएगी, जिसके लिए 6 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसी तरह, मंडी जिले के श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक में पैट स्कैन भवन के निर्माण के लिए भी 2 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है।
मशीनों और उपकरणों के अलावा प्रदेश के अस्पतालों के ढांचागत विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। कांगड़ा के ज्वालामुखी सिविल अस्पताल के सुदृढ़ीकरण और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए सबसे अधिक 17.95 करोड़ रुपए आबंटित किए गए हैं। वहीं, हमीरपुर स्थित जोलसप्पड़ मेडिकल कॉलेज में पार्किंग और पुलिस स्टेशन के निर्माण के लिए 15.50 करोड़ रुपए की धनराशि जारी की गई है।
चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की आवासीय सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए जोगिंद्रनगर अस्पताल में स्टाफ आवास (रेजिडेंशियल कालोनियों) के निर्माण के लिए 4.90 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। इसके साथ-साथ बिलासपुर जिले के घुमारवीं में भी स्वास्थ्य सुविधाओं का बड़े स्तर पर विस्तार किया जाएगा। सरकार के इस करोड़ों के बजट से स्वास्थ्य क्षेत्र में नई क्रांति आने की उम्मीद है।
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