Solan: नेरी महाविद्यालय को मिला 'पर्यावरण चैंपियन अवार्ड 2026', देश के टॉप 9 संस्थानों में बनाई जगह

Edited By Vijay, Updated: 05 Jun, 2026 04:48 PM

neri college wins environment champion award 2026 nauni university

डॉ. यशवंत सिंह परमार उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के अंतर्गत संचालित उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय नेरी को पर्यावरण संरक्षण, पारिस्थितिकी पुनर्स्थापन तथा सामुदायिक सहभागिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान...

सोलन (नरेश पाल): डॉ. यशवंत सिंह परमार उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के अंतर्गत संचालित उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय नेरी को पर्यावरण संरक्षण, पारिस्थितिकी पुनर्स्थापन तथा सामुदायिक सहभागिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित पर्यावरण चैंपियन अवार्ड 2026 से सम्मानित किया गया है।

महाविद्यालय को यह सम्मान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया। इन गतिविधियों में सड़क किनारे वृक्षारोपण अभियान, पार्थेनियम उन्मूलन कार्यक्रम, प्लास्टिक कचरा संग्रहण एवं निस्तारण, जल टंकियों एवं प्राकृतिक जल स्रोतों की सफाई, विद्यार्थियों के बीच पर्यावरण संरक्षण संबंधी शपथ कार्यक्रम तथा वनाग्नि की रोकथाम एवं वन्यजीव आवासों की सुरक्षा हेतु फायर लाइनों का निर्माण शामिल हैं। इन प्रयासों ने पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

यह पुरस्कार जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत संचालित नमामि गंगे मिशन तथा भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रदान किया गया। देशभर से प्राप्त 100 से अधिक नामांकनों में से कठोर मूल्यांकन प्रक्रिया के उपरांत केवल 9 संस्थानों का चयन किया गया, जिनमें उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय नेरी भी शामिल रहा।

यह सम्मान पद्मश्री कल्याण सिंह रावत, प्रख्यात पर्यावरणविद् एवं मैती आंदोलन के संस्थापक तथा पद्मश्री माधुरी बर्थवाल, सुप्रसिद्ध लोकगायिका एवं उत्तराखंड की सांस्कृतिक दूत द्वारा प्रदान किया गया। समारोह में महाविद्यालय की ओर से डॉ. यशस्वी ठाकुर, सहायक प्राध्यापक (पर्यावरण विज्ञान) ने यह पुरस्कार प्राप्त किया।

महाविद्यालय को पर्यावरण एवं जल संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण तथा जन-जागरूकता के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की सतत विकास एवं पर्यावरणीय उत्तरदायित्व के प्रति प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती है।

इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एचएस बवेजा ने महाविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को बधाई दी तथा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उनके समर्पित प्रयासों की सराहना की। वहीं, महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. डीपी शर्मा ने भी इस राष्ट्रीय सम्मान के लिए समस्त महाविद्यालय परिवार को बधाई देते हुए इसे सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।

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