Edited By Vijay, Updated: 12 Aug, 2026 12:41 PM

विश्व विख्यात शक्तिपीठ श्री नयनादेवी जी में 13 से 22 अगस्त तक चलने वाले श्रावण अष्टमी नवरात्र मेले के लिए जिला प्रशासन और मंदिर न्यास ने सभी तैयारियां मुकम्मल कर ली हैं। देशभर से पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते...
बिलासपुर (बंशीधर/मुकेश): विश्व विख्यात शक्तिपीठ श्री नयनादेवी जी में 13 से 22 अगस्त तक चलने वाले श्रावण अष्टमी नवरात्र मेले के लिए जिला प्रशासन और मंदिर न्यास ने सभी तैयारियां मुकम्मल कर ली हैं। देशभर से पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। इस बार मेले को ग्रीन मेला के रूप में आयोजित किया जा रहा है।
3 बड़ी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से होंगे पवित्र पिंडी के लाइव दर्शन
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए मेले के दौरान माता का दरबार प्रतिदिन साढ़े 22 घंटे खुला रहेगा। मंदिर के कपाट केवल मध्यरात्रि 12 बजे से रात 1:30 बजे तक ही बंद रहेंगे। मंदिर परिसर तक न पहुंच पाने वाले या कतार में लगे श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न स्थानों पर 3 बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं, जिनके माध्यम से माता की पवित्र पिंडी के लाइव दर्शन होंगे। इसके अलावा, बारिश और धूप से बचाव के लिए एक हजार श्रद्धालुओं की क्षमता वाला विशाल जर्मन हैंगर टैंट भी स्थापित किया गया है।
मेला क्षेत्र को 9 सैक्टरों में बांटा
सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे मेला क्षेत्र को 9 सैक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक सैक्टर में एक सैक्टर मैजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी की तैनाती की गई है। एडीसी बिलासपुर को मेला अधिकारी, एएसपी बिलासपुर को पुलिस मेला अधिकारी, और डीएसपी श्री नयना देवी जी को सहायक पुलिस मेला अधिकारी नियुक्त किया गया है। 400 से अधिक पुलिस और सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी होगी और आपात स्थिति के लिए क्विक रिस्पांस टीम मुस्तैद रहेगी। बस अड्डे से मुख्य मंदिर तक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 6 बैरिकेड्स लगाए गए हैं। वहीं, पंजाब से आए करीब 300 स्वयंसेवक भी श्रद्धालुओं की सहायता के लिए अपनी सेवाएं देंगे।
ऑनलाइन अनुमति से लगेंगे लंगर, पॉलीथिन पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मेले में लंगर लगाने के लिए ऑनलाइन अनुमति लेना अनिवार्य है। यह मेला पूरी तरह से 'पॉलीथिन मुक्त' (ग्रीन मेला) होगा। लंगर संचालकों को सफाई व्यवस्था और नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य और खाद्य आपूर्ति विभाग की टीमें नियमित सैंपलिंग करेंगी। इसके साथ ही 6 स्थायी व अस्थायी चिकित्सा सहायता केंद्र बनाए गए हैं तथा 24 घंटे पेयजल व बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
20 क्विंटल फूलों से सजा माता का दरबार
नवरात्रों के लिए शक्तिपीठ को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। पंजाब के खन्ना की एक समाजसेवी संस्था द्वारा मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी लाइटों और 20 क्विंटल से अधिक ताजे फूलों से सजाने का कार्य अंतिम चरण में है। इस भव्य सजावट के लिए पंजाब से आए 20 विशेष कारीगर दिन-रात जुटे हुए हैं। मंदिर न्यास के अध्यक्ष एवं एसडीएम धर्मपाल ने बताया कि श्रावण अष्टमी मेले के दृष्टिगत सभी संबंधित विभागों ने अपनी-अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
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