Edited By Swati Sharma, Updated: 06 Jun, 2026 01:29 PM

इस साझेदारी में सकुर्लर इकोनॉमी, कचरा प्रबंधन, कचरा प्रबंधन कर्मियों का सामाजिक समावेशन, कचरा संग्रहण के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और अन्य जलवायु-स्थिर विकास प्राथमिकताएं जैसे क्षेत्रों में सहयोग की कल्पना की गई है। यह एमओयू प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन...
Shimla News : हिमाचल प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को जलवायु-प्रतिरोधी, समावेशी एवं सतत विकास को प्रोत्साहित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस साझेदारी को राज्य के हरित विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम करार दिया। यह समझौता मुख्यमंत्री की उपस्थिति में राज्य सरकार की ओर से सचिव, पर्यावरण, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और जलवायु परिवर्तन सुशील सिंगला और यूएनडीपी की रेज़डिेंट प्रतिनिधि डॉ. एंजेला लुसिगी द्वारा हस्ताक्षरित किया गया।
इस साझेदारी में सकुर्लर इकोनॉमी, कचरा प्रबंधन, कचरा प्रबंधन कर्मियों का सामाजिक समावेशन, कचरा संग्रहण के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और अन्य जलवायु-स्थिर विकास प्राथमिकताएं जैसे क्षेत्रों में सहयोग की कल्पना की गई है। यह एमओयू प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और जैव विविधता संरक्षण पर भी केंद्रित है, जो पारिस्थितिकी तंत्र आधारित अनुकूलन, प्रकृति-आधारित समाधान और स्थानीय समुदायों के लिए जैव विविधता-सम्बंधित स्थायी आजीविका के माध्यम से किया जाएगा। इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण आवासों और जैव विविधता गलियारों की सुरक्षा को मजबूत करना और राज्य के जलवायु-संवेदनशील क्षेत्रों में पारिस्थितिक लचीलापन के लिए नियामक और शासन संरचना को बेहतर बनाना भी है। यह समझौता महिलाओं, वंचित समुदायों और अनौपचारिक कामगारों की योजना और कार्यान्वयन प्रक्रियाओं में भागीदारी सुनिश्चित करके लैंगिक-संवेदनशील और सामाजिक रूप से समावेशी विकास पर बल देता है।
CM सुक्खू ने कही ये बात
इस अवसर पर सुक्खू ने कहा कि यह सहयोग स्थानीय समाधानों के साथ वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अंतर्निहित करने में मदद करेगा ताकि संवेदनशील हिमालयी पारिस्थितिकी की सुरक्षा की जा सके और लोगों के लिए सतत हरित आजीविका के अवसर उत्पन्न किए जा सकें। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि यह साझेदारी राज्य की सतत विकास लक्ष्य की उपलब्धि की दिशा में प्रगति को तेज करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल सरकार की हिमाचल प्रदेश को एक हरित ऊर्जा राज्य और हिमालयी क्षेत्र में सतत विकास का मॉडल बनाने के द्दष्टिकोण से मेल खाती है। उन्होंने यह भी कहा कि इस साझेदारी का ध्यान ज्ञान आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण, पायलट परियोजनाओं और दीर्घकालिक पर्यावरणीय और विकासात्मक लक्ष्यों का समर्थन करने के लिए जलवायु वित्त के संचालन पर केंद्रित होगा।
मुख्यमंत्री ने अनौपचारिक कचरा प्रबंधन कर्मचारियों को सशक्त बनाने के लिए सफाई मित्र योजना भी शुरू की। उन्होंने कहा कि यह योजना स्वच्छता कर्मचारियों की गरिमा, सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देगी। इसके साथ ही राज्य की परिपाठीय अर्थव्यवस्था और पर्यावरणीय स्थिरता प्रयासों को मजबूत करेगी।