Edited By Vijay, Updated: 17 Sep, 2026 12:46 PM

हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में आस्था और मौसम के बीच एक बार फिर टकराव देखने को मिला है। मणिमहेश डल झील में होने वाले बड़े शाही स्नान से ठीक पहले खराब मौसम ने श्रद्धालुओं की राह रोक दी है।
चम्बा: हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में आस्था और मौसम के बीच एक बार फिर टकराव देखने को मिला है। मणिमहेश डल झील में होने वाले बड़े शाही स्नान से ठीक पहले खराब मौसम ने श्रद्धालुओं की राह रोक दी है। गौरीकुंड और मणिमहेश की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी और निचले इलाकों में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए भरमौर प्रशासन ने एहतियातन मणिमहेश यात्रा को अस्थायी तौर पर रोक दिया है। एडीएम भरमौर विकास शर्मा ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया है कि प्रशासन के लिए श्रद्धालुओं की जान और सुरक्षा सर्वोपरि है। मौसम के साफ होने तक किसी भी यात्री को आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
यात्रा पर यह रोक ऐसे वक्त में लगी है, जब यह अपने अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर है। 18 सितम्बर को दोपहर 1 बजे से पवित्र डल झील में बड़ा शाही स्नान शुरू होना है, जिसका मुहूर्त 19 सितम्बर शाम 3:28 बजे तक रहेगा। इस महास्नान में डुबकी लगाने के लिए हिमाचल प्रदेश के अलावा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़ और जम्मू-कश्मीर से हजारों की तादाद में श्रद्धालु भरमौर पहुंच चुके हैं। आधिकारिक तौर पर इस शाही स्नान के साथ ही इस वर्ष की मणिमहेश यात्रा का समापन हो जाता है, लेकिन अब श्रद्धालुओं की निगाहें आसमान पर टिकी हैं, क्योंकि शाही स्नान पूरी तरह से मौसम के मिजाज पर निर्भर करेगा।
प्रशासन इस बार कोई भी जोखिम उठाने के मूड में नहीं है। बारिश के दौरान मणिमहेश का संकरा और दुर्गम ट्रैक बेहद खतरनाक और जानलेवा हो जाता है। पिछले साल भारी बारिश के कारण अचानक आई आपदा में 25 हजार से ज्यादा श्रद्धालु ट्रैक पर ही फंस गए थे। उस वक्त हालात इतने बिगड़ गए थे कि सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित रैस्क्यू करने में प्रशासन को पूरे एक हफ्ते का वक्त लग गया था। उसी सबक को ध्यान में रखते हुए इस बार त्वरित कार्रवाई की गई है।
स्थानीय प्रशासन ने चम्बा और भरमौर पहुंच चुके सभी शिवभक्तों से अपील की है कि वे फिलहाल जहां हैं, उन्हीं सुरक्षित स्थानों (बेस कैंप आदि) पर रुके रहें। जब तक मौसम साफ नहीं हो जाता और प्रशासन की ओर से यात्रा शुरू करने की नई एडवाइजरी जारी नहीं होती, तब तक कोई भी श्रद्धालु आगे बढ़ने का जोखिम न उठाए।
हिमाचल प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें