Edited By Vijay, Updated: 12 Sep, 2026 07:57 PM

राधाष्टमी के शाही स्नान के लिए पंच जूना दशनाम अखाड़ा चम्बा की छड़ी यात्रा मणिमहेश डल झील के लिए रवाना हो गई। छड़ी यात्रा की अगुवाई दशनाम अखाड़ा के महंत यतिंद्र गिरि ने की।
चम्बा (काकू): राधाष्टमी के शाही स्नान के लिए पंच जूना दशनाम अखाड़ा चम्बा की छड़ी यात्रा मणिमहेश डल झील के लिए रवाना हो गई। छड़ी यात्रा की अगुवाई दशनाम अखाड़ा के महंत यतिंद्र गिरि ने की। शनिवार शाम को दशनाम अखाड़ा परिसर से आरंभ हुई छड़ी यात्रा लक्ष्मीनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरती हुई जुलाहकड़ी मोहल्ला स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर पहुंची। छड़ी यात्रा रात्रि विश्राम के लिए राधाकृष्ण मंदिर में ही रुकेगी और रविवार को आगामी पड़ाव के लिए रवाना होगी। यह छड़ी यात्रा 6 दिन तक पैदल चम्बा से मणिमहेश डल झील के बीच की दूरी तय करेगी।
राधाष्टमी पर इसे डल झील में स्नान करवाया जाएगा। इसके साथ ही मणिमहेश यात्रा संपन्न होगी। शनिवार को एसडीएम चम्बा चिराग शर्मा ने रामगढ़ मोहल्ला में दशनाम अखाड़ा में पहुंचकर छड़ी मुबारिक व भगवान दत्तात्रेय की पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने छड़ी को अखाड़ा के महंत यतिंद्र गिरी को सौंपा। हर-हर महादेव के जयकारों व बैंड-बाजे के साथ छड़ी यात्रा मणिमहेश के लिए निकली।
छड़ी 11 सितम्बर को मणिमहेश की डल झील पहुंचेगी। रविवार को छड़ी जुलाहकड़ी मंदिर से राख के लिए प्रस्थान करेगी। इस तरह अलग-अलग पड़ावों से होते हुए डल झील पहुंचेगी। शहर के विभिन्न हिस्सों में छड़ी यात्रा के दर्शनों के लिए लोगों की काफी भीड़ उमड़ी। लोगों ने छड़ी यात्रा के आगे नतमस्तक होकर सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान अखाड़ा परिसर में भंडारे का आयोजन भी किया गया। एसडीएम चम्बा चिराग शर्मा ने बताया कि पड़ावों में छड़ी के रहने व अन्य सुविधाओं का प्रबंध प्रशासन की तरफ से किया गया है। इस बारे भरमौर प्रशासन को भी सूचना दे दी गई है।
अखाड़ा के महंत यतिंद्र गिरी ने बताया कि जिस प्रकार अमरनाथ यात्रा के लिए श्रीनगर से छड़ी यात्रा निकलती है, उसी तरह दशनाम अखाड़ा से भी छड़ी यात्रा मणिमहेश के लिए निकलती है। रियासतकाल से इस धार्मिक परंपरा का निर्वहन दशनाम अखाड़ा चम्बा कर रहा है। इस छड़ी को भगवान शंकर का अंश माना जाता है।
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