Edited By Vijay, Updated: 21 Jul, 2026 05:31 PM

प्रदेश में जारी भारी बारिश का असर अब लोगों की मूलभूत सुविधाओं पर भी पड़ने लगा है। धर्मशाला के घेरा वन क्षेत्र में हुए भारी भूस्खलन के कारण घेरा पेयजल स्रोत से आने वाली मुख्य ट्रांसमिशन लाइन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है।
धर्मशाला (ब्यूरो): प्रदेश में जारी भारी बारिश का असर अब लोगों की मूलभूत सुविधाओं पर भी पड़ने लगा है। धर्मशाला के घेरा वन क्षेत्र में हुए भारी भूस्खलन के कारण घेरा पेयजल स्रोत से आने वाली मुख्य ट्रांसमिशन लाइन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। पाइपलाइन टूटने से प्रभावित क्षेत्रों में नियमित जलापूर्ति ठप्प पड़ गई है, जिससे आने वाले दिनों में शहर में जल संकट गहरा सकता है।
कांगड़ा जिले के डीसी हेमराज बैरवा ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन जलापूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। वर्तमान में लोगों की परेशानी को कम करने के लिए नड्डी जल शोधन संयंत्र के माध्यम से वैकल्पिक तौर पर पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। डीसी हेमराज बैरवा ने स्पष्ट किया कि नड्डी संयंत्र से उपलब्ध जल की मात्रा सीमित है ऐसे में पूरे क्षेत्र की मांग को पूरा करना चुनौतीपूर्ण है। इस सीमित जल उपलब्धता को देखते हुए आने वाले कुछ दिनों तक पानी के वितरण में अस्थायी रूप से राशनिंग की जा सकती है, ताकि सभी तक पानी पहुंच सके।
प्रशासनिक और तकनीकी टीमें क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मुरम्मत और बहाली के कार्य में युद्धस्तर पर जुटी हुई हैं। हालांकि, क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण राहत और मुरम्मत कार्य में काफी देरी हो रही है। इस आपात स्थिति को देखते हुए डीसी ने सभी उपभोक्ताओं से एक विशेष अपील की है। उन्होंने कहा कि जब तक मुख्य लाइन पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाती, तब तक नागरिक पानी का अत्यंत विवेकपूर्ण और केवल आवश्यकतानुसार ही उपयोग करें। पानी की बर्बादी बिल्कुल न करें। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया है कि मौसम का साथ मिलते ही जल्द से जल्द पाइपलाइन की मरम्मत कर जलापूर्ति को सामान्य कर दिया जाएगा।
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