शिमला-कालका ट्रैक पर खिसकी पहाड़ी, बीच रास्ते में फंसी ट्रेन...फिर रेलवे ने ऐसे सुरक्षित निकाले यात्री

Edited By Vijay, Updated: 05 Jul, 2026 06:33 PM

landslide on the shimla kalka track train stuck midway

कालका-शिमला हैरिटेज रेल मार्ग पर कैथलीघाट और कानों के बीच अचानक पहाड़ी दरकने से रेल यातायात प्रभावित हो गया। गनीमत यह रही कि रेलवे प्रबंधन की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा संकट टल गया।

शिमला (अभिषेक): कालका-शिमला हैरिटेज रेल मार्ग पर कैथलीघाट और कानों के बीच अचानक पहाड़ी दरकने से रेल यातायात प्रभावित हो गया। गनीमत यह रही कि रेलवे प्रबंधन की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा संकट टल गया। ट्रैक बंद होने के कारण फंसी शिवालिक डीलक्स एक्सप्रैस के सभी 107 यात्रियों को रेलवे ने सुरक्षित निकाल लिया। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने रात में विशेष बसों का प्रबंध किया और कनैक्टिंग ट्रेन को भी 1 घंटे तक रोक कर रखा।

उत्तर रेलवे के अनुसार बीती शाम करीब किलोमीटर संख्या 68/13 पर अचानक पहाड़ी से मलबा खिसक कर ट्रैक पर आ गिरा। उस समय गाड़ी संख्या 52452 शिमला-कालका शिवालिक डीलक्स एक्सप्रैस उसी प्रभावित खंड से गुजर रही थी। खतरे को भांपते हुए ट्रेन को रोका गया और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ट्रेन में सवार सभी 107 यात्रियों को सुरक्षित वापस कैथलीघाट स्टेशन लाया गया।

इस संकट के समय रेलवे अधिकारियों ने ट्रेन में मौजूद टीटीई और फोन के जरिए यात्रियों से लगातार संपर्क बनाए रखा। उन्हें घबराने से रोका गया और पल-पल की जानकारी दी गई। कैथलीघाट स्टेशन पर रात 10:24 बजे 3 विशेष बसों की व्यवस्था की गई, जिनके माध्यम से 97 यात्रियों को सुरक्षित कालका के लिए रवाना किया गया।

रेलवे प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि यात्रियों को आगे के सफर में कोई दिक्कत न हो। इसके लिए गाड़ी संख्या 13052 कालका-हावड़ा मेल को कालका स्टेशन पर 60 मिनट की देरी से रवाना किया गया। रात 12:30 बजे जब बसें कालका पहुंचीं, तो वहां यात्रियों के लिए पहले से ही भोजन के पैकेट और पीने के पानी की व्यवस्था की गई थी। इसके बाद सभी को सुरक्षित ट्रेन में बैठाकर उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया।

भूस्खलन के चलते बीती शाम कुछ अन्य ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट करना पड़ा। हालांकि, ट्रैक से मलबा और पत्थर हटा लिए जाने के बाद रविवार को शिमला-कालका रेल मार्ग पर सभी ट्रेनें सुचारू रूप से चलीं। वहीं उत्तर रेलवे अंबाला मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक यशनजीत सिंह ने बताया कि प्राकृतिक आपदा के दौरान रेलवे ने त्वरित और समन्वित कार्रवाई करते हुए यात्रियों की सुरक्षा, लगातार संवाद और वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था पर फोकस किया। रेलवे प्रशासन ने मुश्किल समय में धैर्य बनाए रखने के लिए यात्रियों का आभार व्यक्त किया और हुई असुविधा के लिए खेद भी जताया।

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