Shimla: प्रशासन के दावों की खुली पोल! बडियारा-जांगला मार्ग पर लैंडस्लाइड, मलबे की चपेट में आई गाय

Edited By Vijay, Updated: 01 Jul, 2026 07:52 PM

landslide on badiara jangla road

मानसून से निपटने को लेकर प्रशासन और विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे तैयारियों के बड़े-बड़े दावों की जमीनी हकीकत सामने आने लगी है। बुधवार को बडियारा-जांगला सड़क मार्ग पर हुए एक भूस्खलन ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल कर रख दी है।

रोहड़ू (कार्तिक): मानसून से निपटने को लेकर प्रशासन और विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे तैयारियों के बड़े-बड़े दावों की जमीनी हकीकत सामने आने लगी है। बुधवार को बडियारा-जांगला सड़क मार्ग पर हुए एक भूस्खलन ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल कर रख दी है। इस हादसे में पहाड़ी दरकने से एक गाय मलबे की चपेट में आकर बुरी तरह घायल हो गई। गनीमत रही कि उस समय वहां से कोई वाहन या राहगीर नहीं गुजर रहा था, अन्यथा यह एक बड़ा हादसा हो सकता था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह बडियारा-जांगला मार्ग पर अचानक पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा दरक गया और भारी चट्टानें व मलबा सीधे सड़क पर आ गिरा। इसी दौरान वहां मौजूद एक बेजुबान गाय इस भारी मलबे की चपेट में आ गई और गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल गाय का फिलहाल स्थानीय गौसदन में उपचार किया जा रहा है। स्थानीय लोगों में इस घटना के बाद से भारी रोष और दहशत है। लोगों का कहना है कि यदि भूस्खलन के वक्त वहां से कोई स्कूल बस, बाइक सवार, बागवान या कोई राहगीर गुजर रहा होता तो इस हादसे का परिणाम बेहद खौफनाक हो सकता था।

अभी मानसून की भारी बारिश बाकी, फिर भी दरकने लगे पहाड़
यह घटना इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि मानसून ने अभी पूरी तरह से रफ्तार नहीं पकड़ी है। हिमाचल प्रदेश में जुलाई और अगस्त के महीनों में होने वाली भारी मूसलाधार बारिश का दौर अभी बाकी है, लेकिन मानसून की शुरुआत से पहले ही पहाड़ों का इस तरह दरकना आने वाले बड़े खतरे का संकेत दे रहा है। एक तरफ बंद कमरों में अधिकारियों की बैठकों का दौर जारी है, जहां संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, मशीनों की तैनाती और आपदा प्रबंधन की पूरी तैयारी होने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है।

एसडीएम बोले-घटना दुखद, प्रशासन मानसून से निपटने को तैयार
इस घटना और प्रशासन की तैयारियों को लेकर जब उपमंडलाधिकारी (नागरिक) रोहड़ू धर्मेश रामौत्रा से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि बडियारा-जांगला मार्ग पर भूस्खलन की यह घटना निश्चित रूप से बहुत दुखद है। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित विभागों को तुरंत मलबे को हटाने और आवश्यक कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दे दिए गए हैं। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि बुधवार को ही मानसून की तैयारियों को लेकर सभी संबंधित विभागों के साथ एक अहम बैठक आयोजित की गई है और प्रशासन आगामी मानसून में किसी भी आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

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