शिक्षा मंत्री ने भोलाड में किए विभिन्न परियोजनाओं के भूमिपूजन, निरीक्षण और उदघाटन, बोले-  सड़कें पहाड़ों की जीवन रेखा

Edited By Swati Sharma, Updated: 09 Aug, 2026 05:51 PM

himachal education minister inspects and inaugurates various projects

Himachal News : शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर आज जुब्बल उपमंडल के शुराचली क्षेत्र के प्रवास पर थे, जहां पर उन्होंने ऐतिहासिक जिला स्तरीय राथल मेला के अंतिम दिवस में पहुंचकर देवताओं का आशीर्वाद लिया और सांस्कृतिक कार्यक्रम में बतौर मुख्यतिथि शिरकत की।...

Himachal News : शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर आज जुब्बल उपमंडल के शुराचली क्षेत्र के प्रवास पर थे, जहां पर उन्होंने ऐतिहासिक जिला स्तरीय राथल मेला के अंतिम दिवस में पहुंचकर देवताओं का आशीर्वाद लिया और सांस्कृतिक कार्यक्रम में बतौर मुख्यतिथि शिरकत की। इससे पूर्व उन्होंने ग्राम पंचायत भोलाड़ के अंतर्गत अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा लिया जिसके अंतर्गत उन्होंने 8 करोड़ 60 लाख से स्त्रोन्नत वाली क्यारा भौवां सड़क का भूमि पूजन किया, साथ ही 1 करोड़ 87 लाख रूपये से निर्माणाधीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोलाड़ के निर्माण कार्य निरिक्षण किया और भोलाड़ में 3 लाख रूपये से निर्मित एक जिम का उदघाटन भी किया।

सड़कें है पहाड़ों की जीवन रेखा

शिक्षा मंत्री ने बताया कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में सड़कों का निर्माण एक ज़रूरी और महत्वपूर्ण कार्य है। क्यूंकि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के चलते सड़क निर्माण से ही गाँव-गाँव तक विकास कार्य पुरे किये जा सकते है और मूलभूत आवश्यकताओं को हर व्यक्ति तक पहुँचाया जा सकता है। बागवानी बहुल क्षेत्र होने के कारण सड़कों का महत्व और भी बढ़ जाता है क्यूंकि सड़को के माध्यम से ही बागवान समय पर अपने उत्पाद को बाजार तक पहुंचा सकता है। इसलिए वह सड़कों को पहाड़ों की भाग्य रेखा की संज्ञा देते है। इसी दृष्टिकोण से आज उनके विधानसभा में 182 नई सड़को का निर्माण हुआ है और यह प्रक्रिया निरंतर जारी है। उन्होंने बताया की वर्तमान में जुब्बल नावर कोटखाई के अंतर्गत लोकनिर्माण विभाग के अधीन 550 करोड़ रुपए के विकास कार्य प्रगति पर है जिसके तहत विभिन्न सड़कों और भवनों का निर्माण हो रहा है।

शुराचली क्षेत्र से है विशेष सम्बन्ध

रोहित ठाकुर ने बताया कि शुराचली से उनका एक भावनात्मक और पारिवारिक सम्बन्ध है और यहाँ के विकास को वह सदैव प्राथमिकता देते हैँ। इस क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण और मुख्य मार्ग सरस्वती नगर झड़ाशली मार्ग को 17 करोड़ रूपये की लागत से स्त्रोन्नत किया जा रहा है। साथ ही 4 करोड़ रूपये की लागत से 15 नई सड़कों का निर्माण किया गया है। 11 नई सड़कों को पक्का किया गया एवं वार्षिक मुरम्मत योजना के अंतर्गत 1 करोड़ रुपए की लागत से 5 किलोमीटर लम्बी भोलाड़ छुपाड़ी सड़क को भी स्तरोन्नत किया गया है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोलाड़ का निर्माण कार्य 1 करोड़ 83 लाख रूपये की लागत से प्रगति पर है जोकि शुराचली क्षेत्र में एक बड़ा और महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थान होगा और स्थानीय नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं घर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी। शिक्षा मंत्री ने निर्माण कार्यों से जुड़े अधिकारियों को इसे इसी वर्ष नवंबर के महीने में पूरा करने का लक्ष्य दिया है। इसके अतिरिक्त पब्बर नदी पर चामशू में एक बड़े पुल का निर्माण हो रहा है जिस पर 5 करोड़ 55 लाख रूपये का व्यय हो रहा है। इस पुल के बनने से न केवल जुब्बल अपितु रोहडू विधानसभा क्षेत्र के लोग भी लाभान्वित होंगे।

शिक्षा मंत्री ने की जिला स्तरीय राथल मेले में शिरकत
 

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने जुब्बल उपमंडल में शुराचली क्षेत्र के अंतर्गत ऐतिहासिक और प्रसिद्ध जिला स्तरीय राथल मेले मे शिरकत की। शुराचली क्षेत्र के इस मेले का इतिहास सदियों पुराना है और इस मेले को बड़े उत्साह से और श्रद्धा के साथ मनाया जाता रहा है। यह मेला स्थानीय जनता की आस्था का प्रतीक है। इस मेला में क्षेत्र के 4 प्रमुख देवता बनाड़, देशमौलिया, पवासी और गुडारू भाग लेते है जिनका सम्बन्ध क्रमशः शराचली क्षेत्र सहित मांदल, ढाडी, भोलाड़ और छुपाड़ी गाँव से है। इस मेला में स्थानीय जनता के साथ-साथ पड़ोसी क्षेत्र रोहड़ू से भी बड़ी संख्या में लोग भाग लेते है। रोहित ठाकुर ने ऐतिहासिक मेले के अवसर पर सभी देवताओं का आशीर्वाद लिया और क्षेत्र वासियों व मेले में आए हुए श्रद्धालुओं को राथल मेले की बधाइयाँ दी। उन्होंने बताया कि मेले और त्यौहार हमारी समृद्ध संस्कृति का प्रतीक है और यह आवश्यक है कि हम सब इन सांस्कृतिक धरोहरो को संजो कर रखें जिससे हमारी महान और अनूठी देव संस्कृति अनंत काल तक संरक्षित रह सके। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए बताया कि हमारी संस्कृति हमें आपसी प्रेम सद्भाव और मेलजोल का संदेश देती है और हमें जहां वर्त्तमान वैज्ञानिक युग में वैश्विक परिस्थितियों में सबके साथ आगे बढ़ना होगा। वहीं यह भी ज़रूरी है कि हम अपनी पुरातन और मूल संस्कृति से जुड़े रहे। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये गए जिसमें हिमाचल के नामचीन कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से सबको झूमने पर विवश किया।

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