Edited By Kuldeep, Updated: 31 Oct, 2026 09:31 PM

गवर्नमैंट पॉलीटैक्नीक हमीरपुर में कथित रक्षा मंत्रालय के नाम पर कम्प्यूटर इंजीनियरिंग के छात्र सर्वेश से हुई ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले में सरकार ने कड़ा संज्ञान लिया है।
हमीरपुर: गवर्नमैंट पॉलीटैक्नीक हमीरपुर में कथित रक्षा मंत्रालय के नाम पर कम्प्यूटर इंजीनियरिंग के छात्र सर्वेश से हुई ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले में सरकार ने कड़ा संज्ञान लिया है। सूत्रों के मुताबिक सरकार के दिशा-निर्देशों पर तकनीकी शिक्षा विभाग ने ज्वाइंट डायरैक्टर टैक्नीकल एजुकेशन (सुंदरनगर) की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन कर दिया है। यह विशेष विभागीय कमेटी जल्द ही हमीरपुर पॉलीटैक्नीक परिसर का रुख करेगी और विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर इस पूरे घटनाक्रम की आंतरिक जांच शुरू करेगी।
सर्वेश की हालत स्थिर, विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में
इस कथित बेहद संवेदनशील और शातिराना धोखाधड़ी का शिकार होने के बाद गहरे मानसिक व शारीरिक आघात के कारण गंभीर रूप से चोटिल हुए पांचवें सैमेस्टर के छात्र सर्वेश का चंडीगढ़ स्थित पीजीआई में उपचार चल रहा है। अस्पताल के विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार सर्वेश की हालत अब पूरी तरह स्थिर बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम द्वारा उसके जरूरी ऑप्रेशन लगभग सफलतापूर्वक कर दिए गए हैं।
जांच के घेरे में संस्थान का निगरानी तंत्र
छात्र सर्वेश को उसके प्रोजैक्ट के लिए लोकभवन से लेकर शासकीय और प्रशासनिक स्तर पर सम्मानित किया जा चुका था, इसलिए यह मामला बेहद पेचीदा हो चुका है। जिस तरह कथित जालसाजों ने बारीकी से फर्जी डिजिटल दस्तावेज तैयार किए थे, उसने पूरे तंत्र को गुमराह कर दिया। जानकारी के मुताबिक गठित की गई विभागीय जांच कमेटी इस मुख्य बिंदु पर फोकस कर सकती है कि पिछले करीब दो महीने से चल रहे इस पूरे घटनाक्रम और कथित ग्रांट के दावों की भनक संस्थान प्रबंधन को समय रहते क्यों नहीं लग सकी?
ज्वाइंट डायरैक्टर ने साधी चुप्पी
इस पूरे मामले और विभागीय कार्रवाई के संदर्भ में जब जांच कमेटी के अध्यक्ष व ज्वाइंट डायरैक्टर तकनीकी शिक्षा दिनेश शर्मा से संपर्क साधा गया, तो उन्होंने मामले की संवेदनशीलता और जांच का हवाला देते हुए आधिकारिक तौर पर कोई भी विस्तृत टिप्पणी करने से साफ इंकार कर दिया। हालांकि उन्होंने ऑन-रिकॉर्ड इस बात की पुष्टि अवश्य की कि सरकार के निर्देशों के तहत एक विशेष जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है। बता दें कि हमीरपुर के सदर थाना में अज्ञात जालसाजों के खिलाफ (बीएनएस) और आईटी एक्ट की विभिन्न संगीन धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।