Edited By Kuldeep, Updated: 13 Oct, 2026 09:44 PM

डॉ. राधाकृष्णन मैडीकल कालेज हमीरपुर में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों से रैगिंग और प्रताड़ना के मामले में एंटी रैगिंग कमेटी ने अपनी जांच तेज कर दी है।
हमीरपुर (अजय): डॉ. राधाकृष्णन मैडीकल कालेज हमीरपुर में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों से रैगिंग और प्रताड़ना के मामले में एंटी रैगिंग कमेटी ने अपनी जांच तेज कर दी है। जानकारी के अनुसार मंगलवार को कालेज परिसर में हुई बैठक के बाद संदेह के घेरे में आए द्वितीय वर्ष के छात्रों को एक-एक कर कमेटी के समक्ष तलब किया गया। बंद कमरे में हुई इस पूछताछ के दौरान आरोपियों के बयान दर्ज किए गए हैं। कालेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी छात्रों को कालेज से निष्कासित भी किया जा सकता है। एंटी रैगिंग कमेटी ने कार्रवाई करते हुए शिकायतकर्त्ता जूनियर छात्र को भी ट्रेस कर लिया है जोकि दिल्ली का रहने वाला है, वहीं मामले में 9 प्रशिक्षुओं की पहचान हुई है, हालांकि शुरूआती पूछताछ में कुछ सीनियर छात्रों ने रैगिंग की बात से इनकार किया है लेकिन कमेटी हर पहलू को बारीकी से खंगाल रही है।
डॉक्टर साहब कहना होगा, नजर से नजर नहीं मिलानी और हिंदी में देना होगा परिचय
जानकारी के अनुसार सीनियर छात्रों ने दबाव बनाया था कि पीड़ित छात्र को उन्हें देखते ही हमेशा 'डॉक्टर साहब' बोलना होगा, नजरें झुका कर रखनी होंगी और सीनियरों के सामने एक तय हिंदी फॉर्मेट में ही अपना परिचय देना होगा। कॉलेज प्रशासन और एंटी रैगिंग कमेटी ने इस मामले के कथित आरोपी स्टूडैंट्स के परिजनों को भी इस बारे अवगत करवा दिया है।
इसके बारे में मैडीकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर रमेश भारती ने बताया कि एंटी रैगिंग कमेटी अपनी जांच रिपोर्ट जल्द ही कालेज प्रशासन को सौंपने वाली है। पीड़ित और आरोपी छात्रों के बयानों का मिलान किया जा रहा है। अंतिम रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है।