Edited By Kuldeep, Updated: 15 Oct, 2026 10:37 PM

डॉ. राधाकृष्णन मैडीकल कॉलेज हमीरपुर में रैगिंग के खिलाफ जीरो टॉलरैंस की नीति अपनाते हुए कॉलेज प्रबंधन ने एक बड़ी कार्रवाई की है।
हमीरपुर (अजय): डॉ. राधाकृष्णन मैडीकल कॉलेज हमीरपुर में रैगिंग के खिलाफ जीरो टॉलरैंस की नीति अपनाते हुए कॉलेज प्रबंधन ने एक बड़ी कार्रवाई की है। दिल्ली निवासी प्रथम वर्ष के एक छात्र की शिकायत पर एंटी रैगिंग कमेटी की जांच के बाद द्वितीय वर्ष के 9 एमबीबीएस प्रशिक्षुओं को दो सप्ताह के लिए निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही दोषी छात्रों पर लाखों रुपए का भारी जुर्माना भी ठोका गया है। इस कड़े कदम के बाद अब कॉलेज प्रबंधन कैंपस के बाहर चल रहे निजी होस्टलों और पीजी पर भी अपना शिकंजा कसने की तैयारी में है।
सीनियर छात्रों पर गाज
जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रबंधन ने निलंबन के साथ-साथ वित्तीय दंड भी लगाया है। रैगिंग के लिए इस्तेमाल किए गए पी.जी. कमरे से जुड़े छात्रों और जूनियर्स को वहां लेकर जाने वालों पर प्रति छात्र 50,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा मामले में संलिप्तता पाए जाने पर छह अन्य छात्रों को 25-25 हजार रुपए की पैनल्टी दी गई है।
बड़ू, दोसड़का और सलासी के निजी होस्टलों पर रहेगा कड़ा पहरा
सूत्रों से जानकारी मिली है कि इस घटना से सबक लेते हुए कॉलेज प्रबंधन ने अब छात्रों की सुरक्षा को कैंपस के बाहर भी पुख्ता करने का फैसला किया है। कॉलेज प्रशासन ने बड़ू, दोसड़का और सलासी में संचालित होने वाले निजी होस्टलों और पीजी में निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में छात्र कैंपस के बाहर भी खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।
रैगिंग के मामले में नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की : प्राचार्य
इसके बारे में मैडीकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने बताया कि चार संबंधित छात्रों के अभिभावकों को बुलाकर उन्हें जांच रिपोर्ट और की गई कार्रवाई की पूरी जानकारी दे दी है। हमारा एकमात्र उद्देश्य विद्यार्थियों को एक पूरी तरह सुरक्षित और भयमुक्त माहौल उपलब्ध करवाना है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो