Edited By Kuldeep, Updated: 19 Oct, 2026 04:57 PM

हमीरपुर स्थित टौणीदेवी के गांव जंडल के एक सैन्य दंपति ने अपनी अद्वितीय उपलब्धियों से पूरे राज्य का नाम देशभर में रोशन किया है।
हमीरपुर (राजीव): हमीरपुर स्थित टौणीदेवी के गांव जंडल के एक सैन्य दंपति ने अपनी अद्वितीय उपलब्धियों से पूरे राज्य का नाम देशभर में रोशन किया है। गांव जंडल के सपूत अमित सिंह चौहान और उनकी धर्मपत्नी राधिका जग्गी ने भारतीय सेना में लैफ्टिनैंट कर्नल के पद पर तैनात होकर साहस, प्रतिभा व राष्ट्रसेवा की मिसाल पेश की है। भारतीय सेना के जांबाज कमांडो लैफ्टिनैंट कर्नल अमित सिंह चौहान ने अपने अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प से विश्व की सबसे ऊंची चोटी माऊंट एवरैस्ट पर 2 बार तिरंगा फहराने का गौरव हासिल किया है। उन्होंने दुनिया की तीसरी सबसे ऊंची चोटी कंचनजंगा सहित कई अन्य दुर्गम पर्वत शिखरों पर सफल आरोहण कर अपनी अदम्य इच्छाशक्ति और अनुशासन का परिचय दिया है।
वहीं उनकी धर्मपत्नी लैफ्टिनैंट कर्नल राधिका जग्गी का सैन्य सेवाकाल भी अत्यंत उत्कृष्ट और प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने प्रतिष्ठित ऑफिसर्ज ट्रेनिंग अकादमी चेन्नई में बतौर प्रशिक्षक भावी सैन्य अधिकारियों को तराशने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह भारतीय सेना की पिस्टल शूटिंग टीम की भी सदस्य रही हैं, जहां उन्होंने अपनी सटीक निशानेबाजी और एकाग्रता का लोहा मनवाया। इस अभूतपूर्व सफलता के पीछे अमित सिंह चौहान के पिता रणजीत सिंह चौहान और माता जमना देवी के संस्कारों, त्याग व मार्गदर्शन का अहम योगदान रहा है। बेटे और बहू दोनों के एक साथ सेना में लैफ्टिनैंट कर्नल के पद पर सेवा देने से परिवार, गांव व संपूर्ण हमीरपुर क्षेत्र में गर्व का माहौल है।