Edited By Kuldeep, Updated: 24 Oct, 2026 09:02 PM

प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने कहा कि केंद्र ने दिल खोलकर पैसा दिया, लेकिन प्रदेश में वह पैसा सड़कों पर नहीं, फाइलों में घूम रहा है और यह कोई आरोप नहीं, बल्कि प्रदेश सरकार के कागज ही ऐसे तथ्य दे रहे हैं।
हमीरपुर (ब्यूरो): प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने कहा कि केंद्र ने दिल खोलकर पैसा दिया, लेकिन प्रदेश में वह पैसा सड़कों पर नहीं, फाइलों में घूम रहा है और यह कोई आरोप नहीं, बल्कि प्रदेश सरकार के कागज ही ऐसे तथ्य दे रहे हैं। उन्होंने तथ्यों के साथ सरकार को घेरते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने 18 जून, 2025 को हिमाचल की 2023 आपदा के लिए 2006.40 करोड़ की रिकंस्ट्रक्शन योजना मंजूर की। इसमें 1504.80 करोड़ केंद्र का हिस्सा है। पहली किस्त के 451.44 करोड़ भी जारी हो गए। उसके बाद 13 जनवरी, 2026 को राज्य सरकार ने खुद आदेश निकाल कर दूसरी किस्त में 753.29 करोड़ बांटे। इसमें अकेले पीडब्ल्यूडी को 487.80 करोड़, जल शक्ति विभाग को 176.48 करोड़ तथा कृषि को 29.13 करोड़ मिले।
सरकार के अपने 13 जनवरी वाले आदेश में साफ लिखा है कि पैसा सिर्फ वर्ष 2023 में टूटी स्वीकृत संपत्तियों पर लगेगा। बाहर खर्च हुआ तो जिम्मेदारी अधिकारी की होगी और मार्च, 2026 तक यूसी देना होगा। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि पीडीएनए के तहत हुए हर टैंडर की जियो-टैगिंग के साथ फिजिकल वैरीफिकेशन हो। सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों का पैसा, काम, ठेकेदार और भुगतान की लिस्ट वैबसाइट पर डाली जाए। विधानसभा में श्वेत पत्र लाएं कि 2006 करोड़ में से धरातल पर कितना लगा।