Edited By Kuldeep, Updated: 23 Sep, 2026 07:31 PM

भारतीय जनता पार्टी के नशामुक्त पंजाब अभियान के तहत रूपनगर जिले में गुरुद्वारा श्री कटलगढ़ साहिब, मोरिंडा, रोपड़ शहर वघनौली में आयोजित जनसभाओं को संबोधित करते हुए सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने पंजाब में बढ़ते नशे के संकट के खिलाफ एकजुट और निर्णायक लड़ाई...
हमीरपुर (राजीव): भारतीय जनता पार्टी के नशामुक्त पंजाब अभियान के तहत रूपनगर जिले में गुरुद्वारा श्री कटलगढ़ साहिब, मोरिंडा, रोपड़ शहर वघनौली में आयोजित जनसभाओं को संबोधित करते हुए सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने पंजाब में बढ़ते नशे के संकट के खिलाफ एकजुट और निर्णायक लड़ाई का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश के युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पंजाब आज नशे के बढ़ते संकट का सामना कर रहा है और आपराधिक तंत्र तथा प्रशासनिक उदासीनता के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है।
उन्होंने पंजाब के युवाओं, किसानों, परिवारों व सामाजिक संगठनों से इस अभियान में एकजुट होकर भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने पंजाब सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सत्ता में आने से पहले 3 महीने में नशा खत्म करने का दावा करने वाली सरकार ने 5 वर्षों में कई सीमाएं लांघ दीं, लेकिन जमीनी स्थिति में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब को नशामुक्त बनाकर ही देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री सुक्खू किशाऊ बांध परियोजना का श्रेय लेने का प्रयास बंद करें
अनुराग ठाकुर ने इस कार्यक्रम से पहले मीडिया से बातचीत के दौरान किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना को लेकर हाल में हुए अंतर्राज्यीय समझौते का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि किशाऊ परियोजना लंबे समय से लंबित रही है और प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री व केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल के नेतृत्व में राज्यों के बीच सहमति बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास हुए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू पर परियोजना का श्रेय लेने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस परियोजना को आगे बढ़ाने में केंद्र सरकार तथा विभिन्न राज्य सरकारों के बीच लंबे समय से चली आ रही बातचीत और सहमति निर्माण की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
केंद्र सरकार के अनुसार किशाऊ परियोजना राष्ट्रीय परियोजना के रूप में आगे बढ़ रही है। प्रस्तावित परियोजना टोंस नदी पर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा क्षेत्र में है। इससे लगभग 97,000 हैक्टेयर भूमि की सिंचाई और 1,476 मिलियन यूनिट स्वच्छ जलविद्युत उत्पादन का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि भाजपा की प्राथमिकता हिमाचल प्रदेश सहित पूरे उत्तर भारत की जल, ऊर्जा व सिंचाई आवश्यकताओं को मजबूत करना है।