Edited By Kuldeep, Updated: 29 Jul, 2026 07:37 PM

गोहर तहसील में भूमि के इंतकाल की एवज में 2 लाख रुपए रिश्वत मांगने के मामले में राज्य विजीलैंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
गोहर (ब्यूरो): गोहर तहसील में भूमि के इंतकाल की एवज में 2 लाख रुपए रिश्वत मांगने के मामले में राज्य विजीलैंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। ट्रैप कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए पटवारी, कानूनगो और एक सहायक के खिलाफ साक्ष्य जुटाने के लिए अब राजस्व विभाग से संबंधित रिकॉर्ड तलब किया है। साथ ही तीनों आरोपियों के वॉइस सैंपल भी लिए जाएंगे, ताकि शिकायतकर्त्ता और आरोपियों के बीच हुई बातचीत का वैज्ञानिक परीक्षण करवाया जा सके। तीनों आरोपियों ने अदालत में जमानत याचिका भी दायर कर दी है। बता दें कि सरकाघाट व बल्ह के 2 लोगों ने 6 बीघा भूमि मंडी के एक व्यक्ति को बेची थी। इस भूमि की रजिस्ट्री 25 फरवरी, 2026 को दर्ज हुई।
शिकायतकर्त्ता को रजिस्ट्री के बाद खरीदार के नाम भूमि का इंतकाल (म्यूटेशन) दर्ज करवाने के लिए उसे मुख्तयारनामा दिया गया था। उसने आरोप लगाया है कि इंतकाल दर्ज करवाने के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज संबंधित पटवारी को सौंप दिए गए थे, लेकिन कई बार चक्कर लगाने के बावजूद इंतकाल दर्ज नहीं किया गया था। इसके बाद उसने विजीलैंस में शिकायत की थी। बाद में इस मामले में सहायक को विजीलैंस ने एक लाख रुपए लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा था, जबकि पटवारी व कानूनगो को भी गिरफ्तार किया था। उधर, डीएसपी विजीलैंस प्रियंक गुप्ता ने बताया कि मामले में नियमानुसार जांच जारी है।