Kangra: चीन के नए कानून के विरोध में मैक्लोडगंज में तिब्बती संगठनों का प्रदर्शन

Edited By Kuldeep, Updated: 01 Jul, 2026 09:33 PM

dharamshala tibetan protest

चीन द्वारा लागू किए गए नए राष्ट्रीय जातीय एकता संवर्धन कानून के विरोध में बुधवार को मैक्लोडगंज में तिब्बती संगठनों ने प्रदर्शन किया।

धर्मशाला (नितिन): चीन द्वारा लागू किए गए नए राष्ट्रीय जातीय एकता संवर्धन कानून के विरोध में बुधवार को मैक्लोडगंज में तिब्बती संगठनों ने प्रदर्शन किया। वैश्विक विरोध दिवस के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में तिब्बती समुदाय के लोगों ने कानून के खिलाफ आवाज बुलंद की। प्रदर्शन का आयोजन स्टूडैंट्स फॉर फ्री तिब्बत, तिब्बतन यूथ कांग्रेस, तिब्बती महिला संघ और नैशनल डैमोक्रेटिक पार्टी ऑफ तिब्बत सहित 4 प्रमुख तिब्बती संगठनों ने संयुक्त रूप से किया। चीन सरकार द्वारा मार्च में पारित किए गए इस कानून को 1 जुलाई से लागू किया गया है, जिसके विरोध में दुनिया भर में बसे तिब्बती समुदायों की ओर से कार्यक्रम आयोजित किए गए। मैक्लोडगंज में प्रदर्शनकारियों ने बाजार से सुगलाखांग परिसर स्थित शहीद स्मारक तक रैली निकाली।

इस दौरान लोगों ने तिब्बती राष्ट्रीय ध्वज और विभिन्न बैनर लेकर चीन सरकार के नए कानून का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यह कानून राष्ट्रीय एकता के नाम पर तिब्बती भाषा, संस्कृति और पहचान को कमजोर करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि इसके जरिए अल्पसंख्यक समुदायों के जबरन समायोजन की नीति को कानूनी आधार दिया जा रहा है। तिब्बती संगठनों ने चीन सरकार से कानून को वापस लेने, तिब्बती बच्चों को परिवारों से अलग रखने वाली आवासीय विद्यालय व्यवस्था को समाप्त करने और संयुक्त राष्ट्र सहित अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं से मामले की स्वतंत्र जांच करवाने की मांग उठाई।

 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!