Edited By Kuldeep, Updated: 23 Sep, 2026 07:42 PM

केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के राष्ट्रपति (सिक्योंग) पेम्पा सेरिंग ने बुधवार को प्रैस वार्ता में हर वर्ष सितम्बर के चौथे बुधवार से अगले बुधवार तक ‘तिब्बती राष्ट्रीय पहचान संरक्षण सप्ताह’ मनाने की घोषणा की।
धर्मशाला (नितिन): केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के राष्ट्रपति (सिक्योंग) पेम्पा सेरिंग ने बुधवार को प्रैस वार्ता में हर वर्ष सितम्बर के चौथे बुधवार से अगले बुधवार तक ‘तिब्बती राष्ट्रीय पहचान संरक्षण सप्ताह’ मनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य तिब्बती भाषा, संस्कृति और राष्ट्रीय पहचान के संरक्षण को लेकर वैश्विक स्तर पर जागरूकता बढ़ाना है। पेम्पा सेरिंग ने कहा कि सप्ताह के दौरान तिब्बती समुदायों, परिवारों, स्कूलों और विभिन्न संगठनों की ओर से पहचान संरक्षण से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। उन्होंने चीन सरकार की नीतियों पर चिंता जताते हुए कहा कि हाल में लागू किए गए तथाकथित ‘जातीय एकता और प्रगति को बढ़ावा देने वाले कानून’ से तिब्बती सहित अन्य राष्ट्रीय पहचानों के समायोजन का खतरा बढ़ा है।
उन्होंने दावा किया कि कई देशों की सरकारों, यूरोपीय संघ, संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों ने भी इस कानून को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने तिब्बती समुदायों और तिब्बत समर्थकों से सप्ताह के दौरान निर्धारित गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने ‘तिब्बती भाषा के संरक्षण के सिद्धांत एवं दिशा-निर्देश’ जारी किए जाने की भी घोषणा की। उन्होंने युवाओं से भाषा, संस्कृति और राष्ट्रीय पहचान के संरक्षण को केवल एक सप्ताह का अभियान न मानकर निरंतर जिम्मेदारी के रूप में लेने की अपील की।
सिनेमाघर में दिखाई ‘मैन ऑफ पीस’ फिल्म
तिब्बती राष्ट्रीय पहचान संरक्षण सप्ताह के तहत बुधवार को धर्मशाला के एक सिनेमाघर में 14वें दलाईलामा के जीवन पर आधारित एनिमेशन फिल्म ‘मैन ऑफ पीस’ की स्क्रीनिंग की गई। आयोजन केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के सूचना एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभाग के तिब्बत संग्रहालय की ओर से किया गया। फिल्म के माध्यम से दर्शकों को दलाईलामा के जीवन, उनके संदेश और शांति के प्रति योगदान से परिचित करवाया गया।