Kangra: आपदा प्रभावितों को मकान बनाने को मिलेंगे 7.50 लाख : मुख्यमंत्री

Edited By Kuldeep, Updated: 26 Jul, 2026 10:39 PM

dharamshala disaster affected relief

शाहपुर विधानसभा क्षेत्र की बोह वैली में बादल फटने की घटना के बाद मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत व पुनर्वास कार्यों का जायजा लिया।

धर्मशाला (सुनील समियाल): शाहपुर विधानसभा क्षेत्र की बोह वैली में बादल फटने की घटना के बाद मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत व पुनर्वास कार्यों का जायजा लिया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बोह में स्थापित राहत शिविर पहुंचे मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। सीएम ने घोषणा की कि पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 7.50 लाख रुपए, बर्तन व कपड़े खरीदने के लिए एक लाख और भूमिहीन प्रभावितों को सरकारी जमीन दी जाएगी। इसके अलावा गाय-भैंस की मौत पर 55 हजार, बकरी पर 15 हजार, फसल नुक्सान पर 5 हजार प्रति कनाल मुआवजा और 6 महीने का मुफ्त राशन दिया जाएगा। अस्थायी रूप से किराए पर रहने वाले परिवारों को 5 हजार रुपए प्रतिमाह किराया सहायता दी जाएगी। इस दौरान सीएम ने रिडकमार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड करने की भी घोषणा की।

इस अवसर पर शाहपुर के विधायक एवं उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष दीपक राठौर, वूल फैडरेशन के अध्यक्ष मनोज कुमार, स्थानीय पंचायत प्रधान नीलम कुमारी, डीसी कांगड़ा हेमराज बैरवा और पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। पुनर्वास कार्यों को गति देते हुए प्रशासन की ओर से 25 परिवारों को 25-25 हजार रुपए और 16 अन्य परिवारों को 10-10 हजार रुपए की तत्काल अंतरिम सहायता जारी कर दी गई है। प्रभावितों के लिए 13 राजस्व प्रमाण पत्र तैयार किए जा चुके हैं और बोनाफाइड व शैक्षणिक प्रमाण पत्र दोबारा बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। स्थायी पुनर्वास के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने का काम जारी है।

3,500 करोड़ से बनेगा आपदा-रोधी इंफ्रास्ट्रक्चर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाएं प्रदेश के लिए गंभीर चुनौती हैं, जिनसे निपटने के लिए राज्य सरकार 3,500 करोड़ रुपए की लागत से आपदा-रोधी आधारभूत ढांचे का विकास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार राहत नियमों में संशोधन कर सहायता राशि बढ़ाई गई है। इसके लिए विशेष आपदा राहत कोष का भी गठन किया गया है।

प्रभावित गांवों में 13 मकान डेंजर जोन घोषित
आपदा से घुड़घुं, भंगार और सपेड़ा गांवों के कुल 25 परिवार प्रभावित हुए हैं। घुड़घुं गांव के 18 परिवारों के 52 सदस्य, भंगार गांव के 3 परिवारों के 16 सदस्य और सपेड़ा गांव के 4 परिवारों के 16 सदस्य प्रभावित हुए हैं। सुरक्षा के दृष्टि से सपेड़ा गांव के 13 मकानों को डेंजर जोन घोषित किया गया है।

 

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