Edited By Kuldeep, Updated: 07 Jul, 2026 05:45 PM

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग कांगड़ा (धर्मशाला) ने एक मामले में बड़ी कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाते हुए उपभोक्ता को मुआवजा देने के आदेश दिए हैं।
धर्मशाला (ब्यूरो): जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग कांगड़ा (धर्मशाला) ने एक मामले में बड़ी कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाते हुए उपभोक्ता को मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। मामला चिप्स के पैकेट में संदिग्ध जैविक वस्तु मिलने से जुड़ा है। शिकायतकर्त्ता आर्यन चौधरी ने बताया कि उसने 6 जुलाई 2025 को चिप्स के 5 पैकेट खरीदे थे, जिनमें से एक खोलने पर उसमें बालों वाला किसी जीव का हिस्सा जैसा पदार्थ मिला। इस घटना से उसे मानसिक पीड़ा हुई और उसने कंपनी को नोटिस भेजा, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। आयोग ने मामले की सुनवाई के दौरान पाया कि पैकेट पूरी तरह सीलबंद था और उसमें मिला संदिग्ध पदार्थ साफ तौर पर दिखाई दे रहा था।
आयोग ने इसे उत्पाद में खामी और उपभोक्ता के साथ लापरवाही मानते हुए कंपनी को जिम्मेदार ठहराया। आदेश में कंपनी को उत्पाद की राशि वापस करने के साथ 9 प्रतिशत ब्याज, 20,000 रुपए मुआवजा और 5,000 रुपए वाद खर्च देने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने यह भी कहा कि सीलबंद खाद्य उत्पाद में इस तरह की गड़बड़ी उपभोक्ता के विश्वास के साथ धोखा है और इसे गंभीर लापरवाही माना जाएगा।