Edited By Kuldeep, Updated: 23 May, 2026 09:22 PM

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड अब कक्षा 6वीं से लेकर 12वीं तक के छात्रों के लिए आर्टिफिशियल इंटैलीजैंस को एक नए स्किल विषय के रूप में शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
धर्मशाला (सुनील): हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड अब कक्षा 6वीं से लेकर 12वीं तक के छात्रों के लिए आर्टिफिशियल इंटैलीजैंस को एक नए स्किल विषय के रूप में शुरू करने की तैयारी कर रहा है। बच्चों को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से शिक्षा बोर्ड ने इसके लिए दुनिया की जानी-मानी कंपनी इंटेल इंडिया से हाथ मिलाया है, जो इस कोर्स को तैयार करने में मदद करेगी। शिक्षा बोर्ड बच्चों की उम्र के हिसाब से एआई का नया सिलेबस (पाठ्यक्रम) तैयार कर रहा है। इस कोर्स का मुख्य मकसद बच्चों की सोचने की क्षमता को बढ़ाना, कम्प्यूटर की समझ देना, कुछ नया बनाने की कला सिखाना और किसी भी समस्या को आसानी से सुलझाने का हुनर सिखाना है। इस विषय में किताबी ज्ञान से ज्यादा प्रैक्टीकल (करके सीखने) पर जोर दिया जाएगा, ताकि बच्चे कम्प्यूटर और तकनीक की दुनिया को अच्छे से समझ सकें।
एआई एक्सपर्ट्स ने मिलकर तैयार किया कोर्स
इस नए कोर्स को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा बोर्ड ने एक खास एआई एक्सपर्ट कमेटी (विशेषज्ञ समिति) बनाई है। इस समिति ने 22 और 23 मई को दो दिनों की एक वर्कशॉप रखी, जिसकी अध्यक्षता डॉ. (मेजर) विशाल शर्मा ने की। इस बैठक में इंटेल इंडिया, हिमाचल सैंट्रल यूनिवर्सिटी और धर्मशाला कॉलेज के प्रोफैसरों के साथ-साथ कई स्कूलों के एआई एक्सपर्ट शामिल हुए। इन सभी ने मिलकर ऐसा कोर्स तैयार किया है जो आज के समय की जरूरतों के हिसाब से बच्चों के काम आ सके।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा का कहना है कि शिक्षा बोर्ड और इंटेल इंडिया मिलकर बच्चों और शिक्षकों को भविष्य के लिए तैयार कर रहे हैं। हम स्कूलों में पढ़ाई का ऐसा माहौल बनाना चाहते हैं जहां बच्चे नई तकनीकों को आसानी से सीख सकें। इस नए एआई कोर्स में तकनीक की बुनियादी समझ के साथ-साथ उसका सही और सुरक्षित इस्तेमाल करना भी सिखाया जाएगा। हमारी कोशिश है कि हिमाचल के बच्चे तकनीकी रूप से मजबूत बनें।"