Edited By Vijay, Updated: 25 Jun, 2026 03:43 PM

देहरा उपमंडल के तहत प्रागपुर पंचायत समिति के चुनावों में गुरुवार को एक बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। यहां 28 साल के लंबे अंतराल के बाद कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर कब्जा लिया है।
गरली (सन्नी): देहरा उपमंडल के तहत प्रागपुर पंचायत समिति के चुनावों में गुरुवार को एक बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। यहां 28 साल के लंबे अंतराल के बाद कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर कब्जा लिया है। इस जीत के साथ ही कांग्रेस ने क्षेत्र में भाजपा के दशकों पुराने दबदबे को खत्म कर दिया है।
यह चुनाव एसडीएम देहरा कुलवंत सिंह पोटन और बीडीओ मीना शर्मा की देखरेख में पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हुआ। अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस समर्थित नरेश कुमार पुट्टू ने शानदार जीत हासिल की। नरेश पुट्टू को 17 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी भाजपा के विशाल पटियाल महज 6 वोटों पर सिमट कर रह गए। वहीं, उपाध्यक्ष पद पर भी कांग्रेस का दबदबा रहा। कांग्रेस समर्थित अनिल किशोर ने 16 वोट हासिल कर उपाध्यक्ष पद पर कब्जा किया, जबकि भाजपा की उम्मीदवार विजय कुमारी को सिर्फ 7 वोट ही मिल सके।
प्रागपुर पंचायत समिति में यह जीत कांग्रेस के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है, क्योंकि वर्ष 1996-98 के बाद से यहां लगातार भाजपा का ही राज रहा था। 28 साल के इस मिथक को तोड़ने के बाद नवनिर्वाचित पदाधिकारियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर विजय रैली निकालकर जश्न मनाया और इस ऐतिहासिक जीत का पूरा श्रेय प्रदेश कांग्रेस महासचिव सुरिंदर मनकोटिया की रणनीति को दिया।
इस शानदार जीत के बाद कांग्रेस महासचिव सुरिंदर मनकोटिया आत्मविश्वास से लबरेज नजर आए। उन्होंने इस अवसर पर समर्थकों को संबोधित करते हुए हुंकार भरी कि यह जीत बदलाव की महज एक शुरूआत है। जनता अब बदलाव चाहती है और आने वाले समय में जसवां-परागपुर विधानसभा क्षेत्र में भी कांग्रेस का ही विधायक चुना जाएगा। प्रागपुर पंचायत समिति में हुए इस सत्ता परिवर्तन ने क्षेत्र की राजनीति में नई गर्माहट ला दी है। इस हार-जीत ने क्षेत्र के कद्दावर भाजपा नेता व पूर्व मंत्री बिक्रम ठाकुर और कांग्रेस महासचिव सुरिंदर मनकोटिया के बीच चल रही सियासी खींचतान को अब एक बेहद दिलचस्प मोड़ पर ला खड़ा किया है।
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