Edited By Vijay, Updated: 08 Oct, 2026 07:25 PM

टीबी (क्षय रोग) मुक्त भारत अभियान के तहत हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले ने एक बड़ी और प्रेरणादायक उपलब्धि हासिल की है। जिले की 87 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है।
हमीरपुर (राजीव): टीबी (क्षय रोग) मुक्त भारत अभियान के तहत हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले ने एक बड़ी और प्रेरणादायक उपलब्धि हासिल की है। जिले की 87 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है। उत्कृष्ट कार्य करने वाली इन पंचायतों को उनके प्रदर्शन के आधार पर स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक के लिए चुना गया है।
टीबी को हराने में पंचायतों का अहम रोल : डीसी
डीसी गन्धर्वा राठौड़ ने इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी को हराने में स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ ग्राम पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि पंचायत प्रतिनिधि सजग और जागरूक रहेंगे, तो यह बीमारी समाज से पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। डीसी ने पदक जीतने वाली पंचायतों को बधाई देते हुए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि जिन पंचायतों ने गोल्ड मैडल जीता है, वे आगे भी अपने स्तर को बरकरार रखें और और बेहतर कार्य करें। वहीं, जिन पंचायतों को सिल्वर व ब्रॉन्ज मैडल मिला है, वे अगली बार गोल्ड मैडल जीतने का लक्ष्य निर्धारित करें।
78 पंचायतों में 2 वर्षों से टीबी का कोई भी नया मामला नहीं
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा तय किए गए मापदंडों के आधार पर हमीरपुर जिले की 87 ग्राम पंचायतों में 10 ग्राम पंचायतों में पिछले 2 वर्षों से टीबी का कोई भी नया मामला सामने नहीं आया है। इस शानदार उपलब्धि के लिए इन्हें स्वर्ण पदक पुरस्कार के लिए चुना गया है। वहीं उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पिछले 2 वर्षों से टीबी का कोई भी नया मामला न मिलने पर 9 ग्राम पंचायतों को रजत पदक पुरस्कार के लिए चुना गया है। इसके अलावा पिछले एक वर्ष से टीबी का कोई भी नया केस सामने न आने पर जिले की 68 पंचायतों को कांस्य पदक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण स्तर पर लोगों को जागरूक करने और स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करने से ही यह परिणाम सामने आए हैं। प्रशासन का लक्ष्य अब पूरे जिले को टीबी मुक्त बनाना है।
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