Hamirpur: ठेकेदार की लापरवाही पड़ी भारी! कुठेड़ा के जंगल में आग लगने से 63 स्लीपर जलकर राख

Edited By Vijay, Updated: 22 May, 2026 06:19 PM

63 logs reduced to ashes in forest fire

वन विभाग हमीरपुर के अधीन आने वाली वन बीट कुठेड़ा के संदोल-1 जंगल में बीती रात अचानक लगी आग की चपेट में आने से कटान के 63 स्लीपर (लकड़ी के लट्ठे) जलकर राख हो गए हैं।

सुजानपुर (अश्वनी): वन विभाग हमीरपुर के अधीन आने वाली वन बीट कुठेड़ा के संदोल-1 जंगल में बीती रात अचानक लगी आग की चपेट में आने से कटान के 63 स्लीपर (लकड़ी के लट्ठे) जलकर राख हो गए हैं। इस घटना में वन निगम कॉर्पोरेशन को लगभग 4 क्यूबिक मीटर लकड़ी का नुक्सान हुआ है। इस पूरे नुक्सान के पीछे ठेकेदार की बड़ी लापरवाही सामने आई है।

2 नोटिस के बावजूद ठेकेदार ने नहीं दिखाई दिलचस्पी

जानकारी के अनुसार संबंधित ठेकेदार ने इसी वर्ष फरवरी महीने की शुरुआत में जंगल में पेड़ों का कटान किया था। कटान के बाद वन विभाग हमीरपुर और वन निगम कॉर्पोरेशन की तरफ से ठेकेदार को दो बार पत्र भेजकर जंगल से स्लीपरों और बालन  को तुरंत उठाने के निर्देश दिए गए थे। चूंकि यह चीड़ का जंगल है, जहां आग लगने का खतरा हमेशा बना रहता है, इसके बावजूद ठेकेदार ने लकड़ी उठाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। नतीजा यह हुआ कि जंगल में पड़ी लकड़ी को समय पर न उठाने के कारण 63 कीमती स्लीपर आग की भेंट चढ़ गए।

ठेकेदार से की जाएगी नुक्सान की भरपाई

सरकारी संपत्ति के इस तरह राख होने के बाद अब विभाग ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई के मूड में है। वन निगम कॉर्पोरेशन विभाग में तैनात फॉरेस्ट गार्ड सुमन कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि ठेकेदार की लापरवाही के कारण निगम को यह नुक्सान झेलना पड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस नुक्सान की भरपाई के लिए कॉर्पोरेशन विभाग द्वारा संबंधित ठेकेदार पर पैनल्टी (जुर्माना) लगाई जाएगी।

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