Mandi News: होमगार्ड की हत्या मामले में 3 दोषियों को उम्रकैद, 1-1 लाख रुपए का जुर्माना

Edited By Vijay, Updated: 03 Jul, 2026 11:24 PM

3 convicts sentenced to life imprisonment

मंडी जिले के सरकाघाट में वर्ष 2016 में हुए बहुचर्चित होमगार्ड जोगिंद्र सिंह हत्याकांड में अदालत ने अपना अहम फैसला सुनाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सरकाघाट डॉ. अबीरा वासू की अदालत ने इस मामले में तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और भारी...

सरकाघाट (महाजन): मंडी जिले के सरकाघाट में वर्ष 2016 में हुए बहुचर्चित होमगार्ड जोगिंद्र सिंह हत्याकांड में अदालत ने अपना अहम फैसला सुनाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सरकाघाट डॉ. अबीरा वासू की अदालत ने इस मामले में तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और भारी जुर्माना भी लगाया है। अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी के कारण पीड़ित परिवार को न्याय मिला है।

इन 3 दोषियों को मिली सजा, चौथे की हो चुकी है मौत
अदालत ने इस जघन्य वारदात के लिए तीन आरोपियों संजय शर्मा उर्फ संजू, मनीष कुमार उर्फ शेनकी और पंकज सोनी उर्फ सोनी को दोषी करार दिया है। वहीं, इस मामले में शामिल चौथे आरोपी रितेश उर्फ कालू की अदालत में ट्रायल (सुनवाई) चलने के दौरान ही मृत्यु हो चुकी है। न्यायालय ने तीनों दोषियों को पूर्ववर्ती भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत कड़ी सजा और जुर्माना लगाया है। दोषियों को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 1-1 लाख रुपए का जुर्माना। धारा 353 के तहत 2 वर्ष का कारावास और 20-20 हजार रुपए का जुर्माना और धारा 332 के 3 वर्ष का कारावास और 30-30 हजार रुपए का जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने अपने फैसले में यह स्पष्ट किया है कि दोषियों की ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।

31 दिसम्बर, 2016 की रात किया था हमला
उप जिला न्यायवादी राजीव शर्मा ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह घटना 31 दिसम्बर, 2016 की रात को पेश आई थी। होमगार्ड जोगिंद्र सिंह अपने साथी जवान धनी राम के साथ सरकाघाट में नाइट गश्त पर थे। इसी दौरान बाजार में उनकी कुछ युवकों के साथ कहासुनी हो गई। यह विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने दोनों होमगार्ड जवानों पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में होमगार्ड जोगिंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायल अवस्था में उन्हें पहले सिविल अस्पताल सरकाघाट ले जाया गया। वहां उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें हमीरपुर अस्पताल रैफर कर दिया, लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया था।

कोर्ट में दर्ज हुए 28 गवाहों के बयान 
इस मामले में पुलिस और अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में 28 गवाहों के बयान और अन्य पुख्ता वैज्ञानिक साक्ष्य प्रस्तुत किए। इन्हीं साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए यह कड़ी सजा मुकर्रर की।

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