Edited By Kuldeep, Updated: 20 Jun, 2026 07:17 PM

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी ने शनिवार के 14वें दीक्षांत समारोह का आयोजन किया। समारोह में इस वर्ष संस्थान से कुल 643 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जिनमें 63 पीएच.डी. शोधार्थी, 259 स्नातकोत्तर विद्यार्थी तथा 321 स्नातक...
मंडी (रजनीश): भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी ने शनिवार के 14वें दीक्षांत समारोह का आयोजन किया। समारोह में इस वर्ष संस्थान से कुल 643 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जिनमें 63 पीएच.डी. शोधार्थी, 259 स्नातकोत्तर विद्यार्थी तथा 321 स्नातक विद्यार्थी शामिल रहीं। वेलस्पन वर्ल्ड के संस्थापक बी.के. गोयनका कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रोफैसर वी. कामकोटी तथा आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रोफैसर रंगन बनर्जी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
इस वर्ष पहली बार सर्वाधिक 321 बीटैक विद्यार्थियों ने स्नातक की उपाधि प्राप्त की। अंतर्राष्ट्रीय कंपनी में बेहतरीन पैकेज के लिए चयनित कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में बीटैक छात्र वयून गोयल को राष्ट्रपति स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया है। समारोह का वयुन गोयल भारत के राष्ट्रपति स्वर्ण पदक के साथ-साथ बी.टैक. कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग संस्थान स्वर्ण पदक से भी नवाजा गया। सुखवंश जैन को अकादमिक उपलब्धियों, नेतृत्व क्षमता और समग्र विकास में उत्कृष्ट योगदान के लिए निदेशक स्वर्ण पदक प्रदान किया गया।
एआई के युग में अपनी मौलिकता बनाए रखें : बीके गोयनका
मुख्यातिथि बीके गोयनका ने जीवन में तीन मूल मंत्रों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब आप इस तेजी से बदलती दुनिया में कदम रख रहे हैं, तब एआई के युग में अपनी मौलिकता बनाए रखें, असफलताओं से सीखने का साहस रखें और स्वयं को निरंतर बदलते परिवेश के अनुरूप ढालते रहें। उन्होंने कहा कि आज ज्ञान एक बटन दबाने भर से उपलब्ध है, लेकिन वास्तविक महत्व इस बात का है कि आप उसका उपयोग किस प्रकार करते हैं। ज्ञान के साथ साहस और दृढ़ता भी आवश्यक है, ताकि हर चुनौती का सामना किया जा सके। याद रखें, आपका समय भारत का समय है और हमारे राष्ट्र का भविष्य आपके विचारों, कार्यों और समर्पण से आकार लेगा।
अपने ज्ञान, नवाचार के माध्यम से विकसित भारत 2047 के निर्माण में योगदान दें विद्यार्थी : प्रो. बेहरा
आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा ने कहा कि प्रत्येक चुनौती नवाचार और समाज के लिए सार्थक समाधान विकसित करने का अवसर प्रदान करती है। विद्यार्थी अपने ज्ञान, नवाचार और संकल्प के माध्यम से विकसित भारत 2047 के निर्माण में योगदान दें। निदेशक ने बताया कि आईआईटी मंडी ने हाल ही में लगभग 100 करोड़ रुपए मूल्य की बाह्य वित्तपोषित शोध परियोजनाएं प्राप्त कर अपने शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत किया है। इसके अलावा संस्थान ने भारत का पहला क्वांटम साइंस एंड इंजीनियरिंग बीटैक कार्यक्रम प्रारंभ करने के साथ-साथ कृषि इंजीनियरिंग विद डेटा एनालिटिक्स तथा कैमिकल इंजीनियरिंग विद डेटा एनालिटिक्स जैसे भविष्योन्मुखी पाठ्यक्रम भी शुरू किए हैं। प्रो. बेहरा ने कहा कि उच्च शिखर तक हमेशा एक-एक कदम आगे बढ़ा कर पहुंचा जा सकता है। जीवन में असफलता से सीखते हैं कि कैसे खुद को बेहतर बनाते हैं।
स्नेहा चांदना और खुशी रेवार संस्थान स्वर्ण पदक से सम्मानित
अकादमिक, शोध और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को विभिन्न श्रेणियों में पदक व पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। बी.टैक. (बायो इंजीनियरिंग) में स्नेहा चांदना तथा बीटैक (सिविल इंजीनियरिंग) में खुशी रेवार को संस्थान स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। अन्य स्नातक कार्यक्रमों में संस्थान स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में बीपांजित सिंह (बीटैक डेटा साइंस एंड इंजीनियरिंग), अक्षर अग्रवाल (बी.टैक. इलैक्ट्रीकल इंजीनियरिंग), अरिदमन सिंह चौहान (बी.टैक. इंजीनियरिंग फिजिक्स) तथा प्रांजल वत्स (बीटैक मैकेनिकल इंजीनियरिंग) शामिल रहे।
अर्चिता को रानी गोंसाल्वेस स्मृति पदक
अकादमिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अर्चिता को रानी गोंसाल्वेस स्मृति पदक प्रदान किया गया। सिविल इंजीनियरिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए खुशी रेवार, ओजस्वी हेमंत चौधरी और निहारिका चौहान को एनबीसीसी पुरस्कार प्रदान किए गए।
अनन्या राय और विरानी देवेंद्रभाई दिनेशभाई को संस्थान नवाचार रजत पदक
नवाचार और उद्यमशीलता की भावना के लिए अनन्या राय और विरानी देवेंद्रभाई दिनेशभाई को संस्थान नवाचार रजत पदक से सम्मानित किया गया। एकांश वर्मा को किरण बाला अरोड़ा स्मृति पुरस्कार प्रदान किया गया। स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में संस्थान स्वर्ण पदक प्राप्त करने वालों में स्नेहा विजयन (एमए डिवैल्पमैंट स्टडीज), खुशी गर्ग (एमबीए डेटा साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटैलीजैंस), काशिश चौधरी (एमएससी एप्लाइड मैथमैटिक्स), प्रीति (एम.एससी. कैमिस्ट्री), मानव गुप्ता (एम.एससी. फिजिक्स), चिकीर्षा गुलाटी (एमटैक बायोटैक्नोलाॅजी), आयुष ठाकुर (एम.टैक. पावर इलैक्ट्राॅनिक्स एंड ड्राइव्स) तथा आदर्श आर्य (एमटैक स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग) शामिल हैं।