Edited By Vijay, Updated: 27 Jun, 2026 02:46 PM

मानसून की दस्तक से पहले मंडी जिले से बहने वाली ब्यास नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने वाला है। जिले में स्थित लारजी जल विद्युत परियोजना के जलाशय की प्री-मानसून फ्लशिंग (सफाई) की जा रही है।
मंडी (ब्यूरो): मानसून की दस्तक से पहले मंडी जिले से बहने वाली ब्यास नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने वाला है। जिले में स्थित लारजी जल विद्युत परियोजना के जलाशय की प्री-मानसून फ्लशिंग (सफाई) की जा रही है। इसके चलते 28 जून को सुबह 6 बजे से लेकर 29 जून की सुबह 6 बजे तक लारजी बैराज के सभी गेट खोल दिए जाएंगे। इस 24 घंटे की प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा मानकों का पूरा पालन करते हुए बैराज से अधिकतम 2000 क्यूमैक्स तक पानी एक साथ ब्यास नदी में छोड़ा जाएगा।
भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण नदी का बहाव तेज होने की पूरी संभावना है। इसे देखते हुए हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के वरिष्ठ अधिशासी अभियंता ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से विशेष अपील की है कि वे इस अवधि के दौरान लारजी बांध से लेकर पंडोह बांध तक ब्यास नदी के किनारों के आसपास भूलकर भी न जाएं। इसके अलावा, ग्रामीणों को अपने मवेशियों को भी नदी के पानी से दूर रखने की सख्त हिदायत दी गई है।
किसी भी तरह के जानमाल के नुक्सान से बचने और लोगों को जागरूक करने के लिए प्रबंधन पूरी तरह मुस्तैद है। नदी किनारे सायरन बजाकर और प्रचार वाहनों (लाऊड स्पीकर) के माध्यम से भी लोगों को लगातार सतर्क किया जा रहा है। वहीं, इस अहम फ्लशिंग प्रक्रिया का सीधा असर बिजली उत्पादन पर भी पड़ेगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फ्लशिंग की इस अवधि के दौरान लारजी पावर स्टेशन में विद्युत उत्पादन पूरी तरह से बंद रहेगा। सफाई प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इसे सुचारू किया जाएगा।
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