Edited By Kuldeep, Updated: 30 Jun, 2026 09:30 PM

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 को धरातल पर उतारने और शैक्षणिक ढांचे को अधिक मजबूत व रोजगारपरक बनाने की दिशा में सरदार पटेल यूनिवर्सिटी (एसपीयू) मंडी ने एक बड़ा कदम उठाया है।
मंडी (रजनीश): उच्च शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 को धरातल पर उतारने और शैक्षणिक ढांचे को अधिक मजबूत व रोजगारपरक बनाने की दिशा में सरदार पटेल यूनिवर्सिटी (एस.पी.यू.) मंडी ने एक बड़ा कदम उठाया है। एकैडमिक काऊंसिल ने सर्वसम्मति से एनईपी-2020 के तहत बदले हुए अंडर ग्रैजुएट (यू.जी.) करिकुलम और सिलेबस को मंजूरी दे दी है।
संबंधित बोर्ड ऑफ स्टडीज द्वारा तैयार किए गए पहले और दूसरे सैमेस्टर के इस नए सिलेबस को आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू कर दिया जाएगा। यह नया पाठ्यक्रम बहु-विषयक शिक्षा, लचीलेपन, कौशल ओरिएंटेशन और आऊटकम-बेस्ड लर्निंग के सिद्धांतों पर आधारित है। मंगलवार को विश्वविद्यालय की एकैडमिक काऊंसिल की 7वीं बैठक वाइस चांसलर प्रो. ललित कुमार अवस्थी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में सरदार पटेल यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार शशि पाल नेगी ने परिषद के समक्ष विचार के लिए रखे गए एजैंडा आइटम का ओवरव्यू प्रस्तुत किया।
बीकाॅम में अप्रैंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम
उद्योग जगत की व्यावहारिक जरूरतों और किताबी ज्ञान के बीच के अंतर को कम करने के लिए काऊंसिल ने सत्र 2026-27 से बैचलर ऑफ कामर्स में अप्रैंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम शुरू करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान ही कार्यस्थल का व्यावहारिक अनुभव और ट्रेनिंग मिलेगी, जिससे उनके लिए रोजगार के अवसर काफी बढ़ जाएंगे।
खाली सीटों पर मैरिट के आधार पर दाखिला
विद्यार्थियों के हितों की रक्षा और संसाधनों के समुचित उपयोग के लिए परिषद ने निर्णय लिया है कि यदि प्रवेश परीक्षा प्रक्रिया के बाद भी यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमैंट्स के यूजी और पीजी प्रोग्राम्स में सीटें खाली रह जाती हैं, तो उन्हें क्वालीफाइंग एग्जामिनेशन की मैरिट के आधार पर भरा जाएगा। इससे योग्य छात्र उच्च शिक्षा से वंचित नहीं रहेंगे।
डिटेंड विद्यार्थियों को सैमेस्टर सिस्टम में आने का मौका
एक और छात्र-केंद्रित फैसले में वार्षिक प्रणाली के तहत पढ़ रहे डिटेंड विद्यार्थियों को तय नियमों के तहत सैमेस्टर-बेस्ड सिस्टम में माइग्रेट करने का विकल्प दिया गया है। इससे प्रभावित विद्यार्थियों की शैक्षणिक निरंतरता बनी रहेगी और वे आधुनिक फ्रेमवर्क में अपनी डिग्री पूरी कर सकेंगे।
समय की मांग के अनुरूप नए डिप्लोमा प्रोग्राम
भारतीय संस्कृति, जीवन कौशल और आधुनिक समाज की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय कई नए डिप्लोमा कोर्स शुरू करने जा रहा है। होलिस्टिक एजुकेशन को बढ़ावा देने और नई एजुकेशनल और सामाजिक जरूरतों को पूरा करने के लिए, काऊंसिल ने आज के समय के जरूरी एरिया में कई डिप्लोमा प्रोग्राम शुरू करने के प्रोसैस पर भी चर्चा की और उसे मंजूरी दी। इसमें योग और वैलनैस, भाषाएं, कश्मीर स्टडीज, इंडियन नाॅलेज सिस्टम, पर्सनैलिटी डिवैल्पमैंट और कम्युनिकेशन स्किल्स शामिल हैं।
भविष्य के लिए तैयार ईको सिस्टम का निर्माण : कुलपति
कुलपति प्रो. ललित कुमार अवस्थी ने कहा कि एनईपी-2020 उच्च शिक्षा को शिक्षार्थी-केंद्रित और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का एक ऐतिहासिक अवसर है। आज लिए गए फैसले एक समावेशी, लचीले और भविष्य के लिए तैयार एकैडमिक ईको सिस्टम के निर्माण की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे। प्रो. अवस्थी ने दोहराया कि सरदार पटेल यूनिवर्सिटी मंडी शैक्षणिक उत्कृष्टता, रिसर्च और कौशल विकास के माध्यम से देश की गरिमा को बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी।