Edited By Vijay, Updated: 16 Sep, 2026 01:14 PM

हिमाचल प्रदेश में नशे को जड़ से खत्म करने के लिए शिमला पुलिस ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। पुलिस अब केवल स्थानीय पैडलर्स तक सीमित न रहकर बैकवर्ड लिंकेज के जरिए अंतर्राज्यीय नशा माफियाओं की कमर तोड़ रही है।
शिमला: हिमाचल प्रदेश में नशे को जड़ से खत्म करने के लिए शिमला पुलिस ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। पुलिस अब केवल स्थानीय पैडलर्स तक सीमित न रहकर बैकवर्ड लिंकेज के जरिए अंतर्राज्यीय नशा माफियाओं की कमर तोड़ रही है। इसी कड़ी में शिमला पुलिस ने पंजाब और हरियाणा से चिट्टे की खेप भेजने वाले 2 बड़े सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस नशा नैटवर्क में एक बैंक कर्मचारी की संलिप्तता भी सामने आई है, जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
बैकवर्ड लिंकेज से मुख्य सप्लायरों तक पहुंची पुलिस
एसएसपी शिमला मेहर पंवार ने प्रैस वार्ता के दौरान इस सफल ऑप्रेशन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि थाना सदर और ढली में चिट्टा तस्करी के 2 अलग-अलग मामले दर्ज किए गए थे। आमतौर पर पकड़े गए छोटे तस्करों को जेल भेजकर फाइल बंद कर दी जाती है, लेकिन इन मामलों में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए बैकवर्ड लिंकेज थ्योरी पर काम किया। शिमला पुलिस की विशेष टीमों ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर नशे की सप्लाई चेन को ट्रेस किया। जांच के तार पड़ोसी राज्यों से जुड़े, जिसके बाद पुलिस टीमों ने पंजाब के फाजिल्का और हरियाणा के मनीमाजरा (चंडीगढ़ सटा क्षेत्र) में दबिश देकर दोनों मुख्य सप्लायरों को दबोच लिया। पुलिस जांच में साफ हुआ है कि शिमला में पकड़ी गई चिट्टे की खेप इन्हीं दोनों आरोपियों द्वारा सप्लाई की गई थी।
सहकारिता बैंक के कर्मचारी की संलिप्तता ने चौंकाया
इस खुलासे का सबसे चौंकाने वाला पहलू थाना सदर से जुड़े मामले में सामने आया है। एसएसपी मेहर पंवार ने बताया कि नशे के इस अवैध कारोबार में पुलिस ने सहकारिता बैंक के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। एक प्रतिष्ठित पद पर बैठे व्यक्ति की ड्रग नैटवर्क में भूमिका इस बात का संकेत है कि चिट्टे का यह जहर समाज की जड़ों में कितनी गहराई तक फैल चुका है।
पूरे नैटवर्क को ध्वस्त करने की तैयारी में पुलिस
एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई यहीं नहीं रुकेगी। पुलिस अब इन गिरफ्तार सप्लायरों के फॉरवर्ड और बैकवर्ड दोनों लिंक्स खंगाल रही है, ताकि इस पूरे नैटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों को बेनकाब किया जा सके। फिलहाल, पुलिस आरोपियों से यह उगलवाने का प्रयास कर रही है कि वे अब तक हिमाचल में कितनी मात्रा में चिट्टा सप्लाई कर चुके हैं और उन्हें यह ड्रग्स सीमा पार से मिल रही थी या किसी अन्य राज्य से। मामले से जुड़े आर्थिक लेन-देन की भी जांच की जा रही है, ताकि ड्रग मनी के इस्तेमाल का भी पर्दाफाश हो सके।
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