Edited By Vijay, Updated: 28 Jul, 2026 05:55 PM

डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज (टांडा) में उस समय भारी हंगामा मच गया, जब ओपीडी पर्ची काऊंटर पर एक महिला और डाटा ऑप्रेटर के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि महिला ने काऊंटर के अंदर जाकर डाटा ऑप्रेटर को थप्पड़ जड़ दिया....
कांगड़ा (किशोर): डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज (टांडा) में उस समय भारी हंगामा मच गया, जब ओपीडी पर्ची काऊंटर पर एक महिला और डाटा ऑप्रेटर के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि महिला ने काऊंटर के अंदर जाकर डाटा ऑप्रेटर को थप्पड़ जड़ दिया, जिसके बाद दोनों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। गनीमत यह रही कि समय रहते सुरक्षा कर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत करवा दिया।
पिता और छोटी बहन के साथ अस्पताल आई थी महिला
जानकारी के अनुसार घटना बीते दिन की है। एक महिला अपने पिता और छोटी बहन के साथ अस्पताल में चैकअप के लिए आई थी। जब वह पर्ची बनवाने के लिए काऊंटर पर गई, तो वहां ड्यूटी पर मौजूद डाटा ऑप्रेटर ने उसे लाइन में खड़े होने को कहा। यह बात महिला को इतनी नागवार गुजरी कि वह अचानक गुस्से में आ गई और पर्ची काऊंटर को पार करके ऑप्रेटर के पास पहुंच गई। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, महिला ने ऑप्रेटर को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद ऑप्रेटर ने भी बचाव किया, जिससे वहां कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई।
मानसिक रूप से अस्वस्थ है महिला
हंगामे के बाद जब मामले की सच्चाई सामने आई तो स्थिति स्पष्ट हुई। महिला के साथ आए उसके पिता और छोटी बहन ने बताया कि वह मानसिक रूप से ठीक नहीं है। वे उसे टांडा अस्पताल के मनोचिकित्सा विभाग में ही चैकअप और इलाज के लिए लेकर आए थे।
ऑप्रेटर ने दिखाई इंसानियत, पुलिस ने करवाया समझौता
अस्पताल परिसर में हंगामे की सूचना मिलते ही टांडा पुलिस चौकी की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत की। जब डाटा ऑप्रेटर को यह पता चला कि हमला करने वाली महिला मानसिक रूप से बीमार है तो उसने मामले को आगे न बढ़ाते हुए इंसानियत का परिचय दिया। ऑप्रेटर ने महिला के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई करने से इंकार कर दिया। टांडा चौकी इंचार्ज ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पर्ची बनाने को लेकर दोनों के बीच गहमागहमी हुई थी, लेकिन महिला की मेडिकल स्थिति को देखते हुए और ऑप्रेटर द्वारा शिकायत न करने पर कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। दोनों पक्षों में आपसी समझौता हो गया है तथा महिला को डॉक्टर से इलाज करवाने के बाद परिजनों के साथ सुरक्षित घर भेज दिया गया।
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