Edited By Swati Sharma, Updated: 04 Jul, 2026 06:49 PM

Himachal Weather Update : शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने 6 और 7 जुलाई को पूरे हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। साथ ही, अधिकारियों ने अचानक बाढ़, भूस्खलन, मडस्लाइड और जलभराव के बढ़ते खतरे को लेकर भी आगाह किया है।
Himachal Weather Update : शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने 6 और 7 जुलाई को पूरे हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। साथ ही, अधिकारियों ने अचानक बाढ़, भूस्खलन, मडस्लाइड और जलभराव के बढ़ते खतरे को लेकर भी आगाह किया है।
मौसम की ताजा जानकारी के अनुसार, तेज बारिश से संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन, मलबे का बहाव और अचानक बाढ़ आ सकती है। सड़कों पर फिसलन, कम दृश्यता और ट्रैफिक में रुकावट की भी आशंका है। इसे देखते हुए आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने निवासियों और पर्यटकों से इस दौरान बहुत सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि वे भूस्खलन की आशंका वाले रास्तों और संवेदनशील पहाड़ी सड़कों पर गैर-जरूरी यात्रा करने से बचें। एडवाइजरी में उफान पर चल रही नदियों, झरनों और निचले इलाकों में पानी के जमाव वाली जगहों के पास न जाने की चेतावनी भी दी गई है। साथ ही, तेज बारिश के दौरान तैराकी और नौकायन न करने की सख्त सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 6 और 7 जुलाई को पूरे प्रदेश में भारी का होगी। वहीं, 8 जुलाई को प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
वहीं, राज्य आपदा प्रबंधन और मौसम विभाग के अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे मौसम की आधिकारिक जानकारी से अपडेट रहें और जोखिम कम करने के लिए स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। मौसम की इस चेतावनी के बाद पूरे राज्य में खेती-बाड़ी से जुड़ी सलाह भी जारी की गई है। हिमाचल प्रदेश में जून का महीना असामान्य रूप से सूखा रहने के बाद अब व्यापक स्तर पर भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र की मासिक मौसम रिपोर्ट के अनुसार, जून 2026 में राज्य में 101.1 mm के लंबे समय के औसत के मुकाबले सिर्फ़ 64.9 mm बारिश हुई, जिससे बारिश में 36 प्रतिशत की कमी रही। 1901 में बारिश का रिकॉर्ड रखना शुरू होने के बाद से हिमाचल प्रदेश में यह महीना 44वां सबसे सूखा जून रहा।
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