Una: मारपीट और करंट लगाने के मामले में पीड़ित की मां ने किया आत्मदाह का प्रयास

Edited By Kuldeep, Updated: 01 Jun, 2026 08:36 PM

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जिला मुख्यालय पर एक कैफे कर्मी के साथ कथित मारपीट और करंट लगाने के मामले में आरोपियों के खिलाफ अब तक कार्रवाई न होने से पीड़ित परिवार और ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

ऊना (सुरेन्द्र): जिला मुख्यालय पर एक कैफे कर्मी के साथ कथित मारपीट और करंट लगाने के मामले में आरोपियों के खिलाफ अब तक कार्रवाई न होने से पीड़ित परिवार और ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सोमवार को पीड़ित युवक की माता ने आत्मदाह करने के इरादे से पैट्रोल लेकर एमसी पार्क पहुंच गई। मौके पर तैनात पुलिस कर्मियों ने पैट्रोल से भरी बोतल उसके हाथ से कब्जे में ले ली और घटना को टाल दिया।

सोमवार को पीड़ित युवक के परिजनों और क्षेत्र के लोगों ने जिला प्रशासन के खिलाफ रोष प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की तथा आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान पीड़ित दीपांशु की माता कंचन, पिता सरवन कुमार, संजीव सैनी, लाडी सैनी, मार्शल सैनी, संतोष सैनी, बलराम काका, रूप सिंह, तीर्थ राम, महेश कुमार, राकेश कुमार, विनय कुमार, सुभाष सैनी, नीरू, ममता, काजल, तृप्ता देवी व रामतारी सहित गांववासी शामिल थे।

गुस्साए लोगों का कहना है कि कैफे कर्मी के साथ बेरहमी से मारपीट की गई और उसे बंधक बनाकर रखा गया था। इस मामले को लेकर कुछ दिन पहले भी परिजनों ने चक्का जाम किया था। उस समय पुलिस प्रशासन द्वारा उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया था। परिजनों का आरोप है कि घटना को एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस और सख्त कार्रवाई नहीं की गई है।

प्रभावशाली लोगाें के आगे धीमी पड़ी कार्रवाई
लोगों का कहना है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं जबकि पीड़ित परिवार न्याय की मांग को लेकर लगातार प्रशासन के दरवाजे खटखटा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली और आर्थिक रूप से मजबूत लोगों के शामिल होने के कारण मामले में कार्रवाई धीमी पड़ गई है। रोष रैली के दौरान ग्रामीणों और परिवार के सदस्यों ने जिला प्रशासन से मिलकर आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस और प्रशासन ने शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए तो आने वाले दिनों में बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस दौरान परिजनों, ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई।

पुलिस निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कर रही जांच
इस संबंध में एसपी सचिन हिरेमठ ने गुस्साए लोगों को मामले की जांच में हुई प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि पुलिस निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच कर रही है तथा आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण साक्ष्य पुलिस के हाथ लगे हैं। जिस वाहन में दीपांशु को जबरन ले जाने का आरोप लगाया गया था, उसे भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है और जांच के दायरे में शामिल कर लिया है, साथ ही मामले से जुड़े इलैक्ट्रॉनिक और तकनीकी साक्ष्यों को भी एकत्रित किया जा रहा है ताकि जांच को वैज्ञानिक आधार पर आगे बढ़ाया जा सके। एसपी ने पीड़ित परिवार को आश्वस्त किया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

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