Mandi News: खड्ड में घुला जहर! मछलियाें समेत हजाराें जलीय जीवाें की गई जान, खौफनाक मंजर देख सहमे लाेग

Edited By Vijay, Updated: 12 Jun, 2026 07:03 PM

thousands aquatic creatures died due to poisonous water in khadd people scared

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले (बल्ह उपमंडल) के रत्ती क्षेत्र में शुक्रवार को उस वक्त भारी हड़कंप मच गया, जब स्थानीय खड्ड में हजारों की संख्या में मछलियां, सांप और अन्य जलीय जीव मृत अवस्था में तैरते हुए पाए गए।

नेरचौक/मंडी: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले (बल्ह उपमंडल) के रत्ती क्षेत्र में शुक्रवार को उस वक्त भारी हड़कंप मच गया, जब स्थानीय खड्ड में हजारों की संख्या में मछलियां, सांप और अन्य जलीय जीव मृत अवस्था में तैरते हुए पाए गए। रत्ती पुल के नीचे का यह खौफनाक मंजर देखकर स्थानीय लोग सहम गए। अंदेशा जताया जा रहा है कि औद्योगिक क्षेत्र से निकले किसी जहरीले कैमिकल या दूषित पानी ने इन बेजुबान जीवों की जान ली है।

रत्ती खड्ड में जलीय जीवों की मौत की खबर इलाके में जंगल की आग की तरह फैल गई और भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। इसके बाद तुरंत पंचायत प्रतिनिधियों को सूचित किया गया। ग्राम पंचायत रत्ती के प्रधान श्याम लाल ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मत्स्य पालन विभाग और उद्योग विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया। टीमों ने खड्ड के पानी के सैंपल ले लिए हैं और लैब टैस्टिंग के लिए भेज दिए हैं।

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इस पूरी घटना में शक की सुई सीधे तौर पर आसपास के औद्योगिक क्षेत्र पर घूम रही है। ग्रामीणों ने एक बड़ा तर्क देते हुए बताया कि खड्ड के ऊपरी हिस्से का पानी बिल्कुल साफ है और वहां जीव सुरक्षित हैं, लेकिन औद्योगिक क्षेत्र वाले हिस्से में ही जलीय जीवों की मौत हुई है। इससे यह साफ आशंका है कि किसी उद्योग ने अपना कैमिकल युक्त दूषित पानी सीधे खड्ड में छोड़ा है।

ग्रामीणों में राेष, जांच रिपोर्ट जल्द सार्वजनिक करने की उठाई मांग
पर्यावरण और प्राकृतिक संतुलन को हुए इस भारी नुक्सान से ग्रामीणों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इस जहरीले पानी को नहीं रोका गया तो स्थिति और भी भयानक हो सकती है और इससे इंसानी सेहत को भी खतरा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कड़े शब्दों में मांग की है कि पानी के सैंपलों की जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द सार्वजनिक की जाए। जिस भी उद्योग की लापरवाही इस घटना में सामने आए, उस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो और भविष्य में खड्ड के प्राकृतिक संतुलन को बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं। फिलहाल, सभी की निगाहें अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस जल-संहार के असली दोषियों को बेनकाब करेगी।

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