Edited By Vijay, Updated: 21 Aug, 2026 08:47 PM

कुल्लू जिले के राजकीय प्राथमिक स्कूल बाड़ी के विद्यार्थी खीर खाने से बीमार नहीं हुए थे, बल्कि दूषित पानी पीने से उनकी सेहत बिगड़ी थी। विभाग की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। विभाग ने 19 अगस्त को सामने आए इस मामले की जांच के आदेश दिए थे।
शिमला (प्रीति): कुल्लू जिले के राजकीय प्राथमिक स्कूल बाड़ी के विद्यार्थी खीर खाने से बीमार नहीं हुए थे, बल्कि दूषित पानी पीने से उनकी सेहत बिगड़ी थी। विभाग की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। विभाग ने 19 अगस्त को सामने आए इस मामले की जांच के आदेश दिए थे। अब उपनिदेशक कुल्लू ने विभाग को मामले की जांच रिपोर्ट सौंप दी है। जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि स्कूल के शिक्षक तथा खाना बनाने वाले मिड-डे मील कर्मी, जिन्होंने वही भोजन खाया था, बीमार नहीं हुए।
स्कूलों को तत्काल एहतियाती कदम उठाने के निर्देश
प्रारंभिक जांच के अनुसार विद्यार्थियों के बीमार होने का कारण दूषित पानी माना गया है। ऐसे में विभाग ने जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में मानसून के दौरान जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए तत्काल एहतियाती कदम उठाने के निर्देश जारी किए हैं। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए स्कूल प्रबंधन को तत्काल प्रभाव से जल सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी उपायों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
विद्यार्थियों को केवल ताजा और पूरी तरह पका हुआ भोजन परोसने के निर्देश
स्कूलों में तैनात सभी मिड-डे मील कर्मियों को व्यक्तिगत स्वच्छता और रसोई की साफ-सफाई के नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। खाना तैयार करने से पहले सभी कच्ची खाद्य सामग्री को सुरक्षित एवं स्वच्छ पानी से अच्छी तरह धोना होगा। विद्यार्थियों को केवल ताजा और पूरी तरह पका हुआ भोजन ही परोसने को कहा गया है। स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली की ओर से स्कूलों को ये निर्देश जारी किए गए हैं।
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