हिमाचल में पंचायत चुनाव के दौरान तीन जिलों की 3 पंचायतों में मतगणना रोकी

Edited By Kuldeep, Updated: 27 May, 2026 05:48 PM

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हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के पहले चरण के दौरान 3 ग्राम पंचायतों में मतदान प्रक्रिया में गंभीर चूक सामने आने के बाद राज्य चुनाव आयोग ने मतगणना रोक दी है। यह मामले जिला चम्बा, सिरमौर और शिमला से संबंधित हैं।

शिमला (भूपिन्द्र): हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के पहले चरण के दौरान 3 ग्राम पंचायतों में मतदान प्रक्रिया में गंभीर चूक सामने आने के बाद राज्य चुनाव आयोग ने मतगणना रोक दी है। यह मामले जिला चम्बा, सिरमौर और शिमला से संबंधित हैं। आयोग ने तीनों मामलों को गंभीर मानते हुए संबंधित पंचायतों में मतगणना को रोक दिया तथा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। जानकारी के अनुसार जिला चम्बा के तिस्सा विकास खंड की सनवाल पंचायत के वार्ड नंबर-2 में दिव्यांग मतदाता के साथ मतदान केंद्र पहुंचे व्यक्ति से निर्धारित फॉर्म नहीं भरवाया गया। चुनाव नियमों के तहत यदि कोई दिव्यांग मतदाता स्वयं मतदान करने में सक्षम नहीं होता तो वह अपने साथ किसी अन्य व्यक्ति को मतदान में सहायता के लिए ला सकता है। इसके लिए संबंधित व्यक्ति से रिटर्निंग अधिकारी द्वारा निर्धारित घोषणा पत्र या फॉर्म भरवाना अनिवार्य होता है।

बताया जा रहा है कि मतदान केंद्र पर मौजूद चुनाव कर्मचारियों ने इस नियम की अनदेखी की और साथ आए व्यक्ति से कोई फॉर्म नहीं भरवाया गया। मामला राज्य चुनाव आयोग के संज्ञान में आने के बाद आयोग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित वार्ड में मतगणना पर रोक लगा दी। अब वहां 30 मई को दोबारा मतदान करवाया जाएगा, जिसके बाद पंचायत के मतों की गणना होगी। दूसरा मामला जिला सिरमौर की एक पंचायत से सामने आया है। यहां मतदान के बाद बैलेट बॉक्स की अदला-बदली हो गई। जानकारी के मुताबिक एक वार्ड का जिला परिषद चुनाव का बैलेट बॉक्स पंचायत चुनाव केंद्र में पहुंच गया, जबकि पंचायत चुनाव का बैलेट बॉक्स जिला परिषद के केंद्र में चला गया। मामले सामने आने के बाद राज्य चुनाव आयोग ने तत्काल प्रभाव से वहां मतगणना रुकवा दी। बाद में पंचायत चुनाव का सही बैलेट बॉक्स संबंधित पंचायत में पहुंचाया गया।

अब नियमानुसार वहां मतों की गणना करवाई जाएगी। वहीं तीसरा मामला जिला शिमला के रामपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत नरैण से जुड़ा है। यहां वार्ड नंबर-1 स्थित ब्रांदली मतदान केंद्र में तैनात पोलिंग पार्टी की लापरवाही सामने आई। मतदान कक्ष के भीतर निर्धारित एरो क्रॉस मार्क सील के साथ नोटा की रबर स्टाम्प भी छोड़ दी गई थी। सामान्य तौर पर नोटा की मोहर केवल चुनाव कर्मचारियों के उपयोग के लिए होती है और इसे मतदान गोपनीय कक्ष में नहीं रखा जाता। मामला सामने आने के बाद चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे। राज्य चुनाव आयोग ने इस मतदान केंद्र पर चुनाव प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोक दिया तथा पंचायत की मतगणना भी स्थगित कर दी। अब इस मतदान केंद्र पर दोबारा मतदान करवाया जाएगा, जिसके बाद पंचायत के मतों की गिनती होगी।

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