Edited By Kuldeep, Updated: 05 May, 2026 04:42 PM

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मैडीकल कॉलेजों में तत्काल मरीजों के एमआरआई और सीटी स्कैन सहित अन्य महत्वपूर्ण टैस्ट करने का सुझाव दिया है।
शिमला (ब्यूरो): मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मैडीकल कॉलेजों में तत्काल मरीजों के एमआरआई और सीटी स्कैन सहित अन्य महत्वपूर्ण टैस्ट करने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में टैस्ट के लिए मरीजों की प्रतीक्षा अवधि शून्य होनी चाहिए। इसके लिए राज्य सरकार स्वास्थ्य संस्थानों में उन्नत एवं उच्च स्तरीय मशीनें और उपकरण स्थापित करने के साथ पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध करवा रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला में एकीकृत मातृ एवं शिशु अस्पताल स्थापित करने की संभावनाओं का पता लगाने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सा, पैरामैडीकल और तकनीकी स्टाफ के पद भी सृजित कर रही है, ताकि प्रदेश के लोगों को बेहतर सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें। बैठक में सचिव आशीष सिंहमार, विशेष सचिव स्वास्थ्य जितेंद्र सांजटा, इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय की प्रधानाचार्या डा. सीता ठाकुर तथा स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
सचिव की अध्यक्षता में गठित होगी समिति
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सचिव आशीष सिंहमार की अध्यक्षता में समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह समिति इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय परिसर में मातृ-शिशु इकाई स्थापना के लिए उपयुक्त स्थान का चयन करेगी, ताकि इसका प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य मरीजों को एक ही छत के नीचे विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।