Edited By Kuldeep, Updated: 16 Jun, 2026 09:40 PM

हिमाचल प्रदेश में पुरानी पैंशन योजना (ओपीएस) को लेकर फिर सियासत शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपनी बात को सोशल मीडिया पर सांझा करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ओपीएस को बंद करके यूपीएस लाना चाहती है।
शिमला (कुलदीप): हिमाचल प्रदेश में पुरानी पैंशन योजना (ओपीएस) को लेकर फिर सियासत शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपनी बात को सोशल मीडिया पर सांझा करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ओपीएस को बंद करके यूपीएस लाना चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार पुरानी पैंशन देने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन भाजपा कर्मचारी विरोधी है।
उन्होंने कहा कि मेरे पिताजी कर्मचारी थे और मैंने उनके जीवन के संघर्ष, जिम्मेदारियों और परिवार के लिए किए त्याग को बहुत करीब से देखा है। इसलिए मैं अच्छी तरह समझता हूं कि नौकरी के बाद सम्मान और आर्थिक-सामाजिक सुरक्षा किसी भी कर्मचारी की सबसे बड़ी पूंजी होती है। इसी सोच के साथ हमारी सरकार ने ओपीएस बहाल की है।
उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा ओपीएस को बंद कर यूपीएस लाना चाहती है, लेकिन हमारी सरकार कर्मचारियों और उनके परिवारों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं होने देगी। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने सत्ता में आने के बाद ओपीएस को मंत्रिमंडल की पहली ही बैठक में बहाल कर दिया था। अब आगामी विधानसभा चुनाव से पहले यह प्रमुख मुद्दा बनता नजर आ रहा है।