Edited By Kuldeep, Updated: 08 Oct, 2026 08:54 PM

हाईकोर्ट ने दिव्यांग श्रेणी के तहत टीजीटी पदों का परिणाम घोषित न करने पर राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार को अगली सुनवाई तक इस संबंध में स्पष्ट निर्देश रिकॉर्ड पर लाने का आदेश दिया है।
शिमला (मनोहर): हाईकोर्ट ने दिव्यांग श्रेणी के तहत टीजीटी पदों का परिणाम घोषित न करने पर राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार को अगली सुनवाई तक इस संबंध में स्पष्ट निर्देश रिकॉर्ड पर लाने का आदेश दिया है। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ ने 'ब्लाइंड पर्सन एसोसिएशन व अन्य' द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया।
याचिकाकर्त्ताओं का आरोप है कि सरकार ने दिव्यांग श्रेणी के लिए 94 टीजीटी पदों को भरने के लिए 2 जनवरी 2026 को विज्ञापन जारी किया था। इन पदों के लिए दस्तावेजों का सत्यापन और काऊंसलिंग की प्रक्रिया 11 अगस्त 2026 को सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई थी। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग की सिफारिशों के बाद 19 सितम्बर 2026 को सामान्य और अन्य श्रेणियों का परिणाम घोषित कर दिया गया, लेकिन दिव्यांग उम्मीदवारों का अंतिम परिणाम मनमाने और अवैध तरीके से रोक कर रखा गया है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के वकील को इस मामले में तुरंत निर्देश प्राप्त करने को कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई 13 अक्तूबर को तय की गई है।