Edited By Vijay, Updated: 14 Jun, 2026 06:58 PM

सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में भारी वाहनों (ट्रालों) की मनमानी और पुलिस प्रशासन की कथित ढील के खिलाफ स्थानीय युवाओं का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। शहर में निर्धारित नो-एंट्री समय से पहले धड़ल्ले से घुस रहे भारी ट्रालों के खिलाफ बीती रात विश्वकर्मा चौक...
पांवटा साहिब (कपिल): सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में भारी वाहनों (ट्रालों) की मनमानी और पुलिस प्रशासन की कथित ढील के खिलाफ स्थानीय युवाओं का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। शहर में निर्धारित नो-एंट्री समय से पहले धड़ल्ले से घुस रहे भारी ट्रालों के खिलाफ बीती रात विश्वकर्मा चौक पर जमकर बवाल हुआ। आक्रोशित युवाओं ने ट्रालों को रोककर करीब 2 घंटे तक जोरदार चक्का जाम किया, जिससे भूपपुर से लेकर विश्वकर्मा चौक तक वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं।
चक्का जाम का मुख्य कारण एक खौफनाक घटना बनी। देवीनगर निवासी संयम गुप्ता ने पुलिस थाना पांवटा साहिब में इस बाबत एक गंभीर शिकायत दर्ज करवाई है। संयम के अनुसार रात करीब 9:58 बजे वह विश्वकर्मा चौक पर मौजूद था। उसी समय एक ट्राला नो-एंट्री के निर्धारित समय से पहले ही शहर में घुस आया। संयम ने जब उस बेकाबू ट्राले चालक को रोकने का प्रयास किया, तो चालक ने रुकने की बजाय वाहन की गति और तेज कर दी। आरोप है कि चालक ने लापरवाही और खतरनाक तरीके से वाहन चलाते हुए संयम को कुचलने का प्रयास किया। गनीमत यह रही कि संयम ने फुर्ती दिखाते हुए छलांग लगा दी और उसकी जान बाल-बाल बच गई।
इस जानलेवा घटना को देखते ही मौके पर मौजूद युवाओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने ट्रालों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सड़क जाम कर दी। प्रदर्शनकारी युवाओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भारी वाहन न केवल समय से पहले शहर में प्रवेश कर यातायात व्यवस्था बिगाड़ रहे हैं, बल्कि कई ट्राले तो बिना नंबर प्लेट के ही सड़कों पर दौड़ रहे हैं। युवाओं का कहना था कि अगर कोई हादसा हो जाता है, तो बिना नंबर वाले इन ट्रालों की पहचान करना असंभव हो जाएगा।
डीएसपी ने संभाला मोर्चा, नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के काटे चालान
स्थिति को तनावपूर्ण होते देख रात करीब साढ़े 12 बजे डीएसपी मानवेंद्र ठाकुर अपनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने उग्र हो रहे युवाओं से शांतिपूर्ण तरीके से बातचीत की और उनकी शिकायतें सुनीं। डीएसपी ने युवाओं को नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया। पुलिस ने अपने एक्शन से प्रदर्शनकारियों को संतुष्ट करते हुए मौके पर ही कई नियम तोड़ने वाले ट्रालों के चालान काटे, साथ ही आश्वासन दिया कि भविष्य में इन पर लगातार अभियान चलाकर नकेल कसी जाएगी। पुलिस के इस सख्त एक्शन और उचित आश्वासन के बाद रात करीब 1 बजे युवाओं ने चक्का जाम खोला और यातायात व्यवस्था सुचारू हो सकी। अब स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि शहर में भारी वाहनों की आवाजाही पर सख्ती से पहरा बिठाया जाए, ताकि किसी निर्दोष की जान न जाए।
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