150 से अधिक निहंगों ने पांवटा साहिब गुरुद्वारे में डाला डेरा, गिरफ्तार साथियों की रिहाई पर अड़े

Edited By Swati Sharma, Updated: 27 Jun, 2026 01:18 PM

over 150 nihangs have camped at paonta sahib gurudwara

Sirmaur News : हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में स्थित पांवटा साहिब गुरुद्वारे में 150 से अधिक निहंग डेरा डाले हुए हैं और उत्तराखंड में गिरफ्तार अपने संप्रदाय के चार सदस्यों की रिहाई का इंतजार कर रहे हैं। इन चारों को स्थानीय लोगों के साथ हुई झड़प के...

Sirmaur News : हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में स्थित पांवटा साहिब गुरुद्वारे में 150 से अधिक निहंग डेरा डाले हुए हैं और उत्तराखंड में गिरफ्तार अपने संप्रदाय के चार सदस्यों की रिहाई का इंतजार कर रहे हैं। इन चारों को स्थानीय लोगों के साथ हुई झड़प के बाद गिरफ्तार किया गया था।

गिरफ्तार साथियों की रिहाई तक नहीं लौटने का किया ऐलान

सूत्रों ने शनिवार को बताया कि निहंग जत्थों ने अपनी आगे की रणनीति तय करने के लिए बैठक की और घोषणा की कि जब तक गिरफ्तार किये गये चारों निहंगों को रिहा नहीं किया जाता, तब तक वे पंजाब नहीं लौटेंगे। एक निहंग जत्थे ने गुरूवार को देहरादून के रास्ते उत्तराखंड में प्रवेश करने का प्रयास किया था। इस दौरान उन्हें प्रवेश करने से रोकने के लिए बड़ी संख्या में तैनात पुलिस के साथ उनकी झड़प भी हुई। हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर निहंगों और देहरादून प्रशासन के बीच जारी गतिरोध शुक्रवार को उस समय समाप्त हो गया, जब निहंगों ने उत्तराखंड की ओर अपना मार्च दो दिनों के लिए स्थगित कर दिया। निहंग जत्थे का नेतृत्व कर रहे जगदीप सिंह अकाली ने शुक्रवार को मीडिया से कहा कि उत्तराखंड प्रशासन ने उनकी ''मांगें पूरी करने'' के लिए दो दिन का समय मांगा है इसलिए उत्तराखंड में प्रस्तावित विरोध मार्च को अगले दो दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गिरफ्तार निहंगों को रिहा नहीं किया गया, तो वे अपना आंदोलन फिर से शुरू करेंगे।

उत्तराखंड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग बाजार में 16 जून को स्थानीय निवासियों और निहंगों के एक समूह के बीच हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया था। इस घटना में कुछ स्थानीय लोग और एक निहंग घायल हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर चार निहंगों को गिरफ्तार कर लिया था। गुरूवार शाम को निहंग जत्थे की पुलिस के साथ फिर झड़प हुई और उन्होंने सुरक्षा अवरोधक हटाकर हेमकुंड साहिब की ओर कूच करने की कोशिश की, जो उत्तराखंड का एक प्रमुख सिख तीर्थस्थल है। पुलिस अधिकारियों से बातचीत के बाद देहरादून में एकत्रित यह समूह पुलिस सुरक्षा में वहां से रवाना हुआ और अंतरराज्यीय सीमा से कुछ किलोमीटर दूर स्थित पांवटा साहिब गुरुद्वारे में ठहर गया। देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेन्द्र डोबाल ने कहा कि कुछ लोग सीमा पर बनी जांच चौकी को पार कर गए थे और एक-दो वाहन भी आगे निकल गए थे, लेकिन बातचीत के बाद वे वापस लौटने पर सहमत हो गए। 

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