Edited By Kuldeep, Updated: 09 Aug, 2026 04:35 PM

खराब मौसम के चलते पिछले दो दिनों से बंद पड़ी किन्नर कैलाश यात्रा को रविवार को पुन: शुरू कर दिया गया है। मौसम साफ होने के बाद प्रशासन ने पिछले दो दिनों के बैकलॉग को ध्यान में रखते हुए सामान्य कोटे से अधिक यात्रियों को आगे बढ़ने की अनुमति दी।
रिकांगपिओ (राजकुमार): खराब मौसम के चलते पिछले दो दिनों से बंद पड़ी किन्नर कैलाश यात्रा को रविवार को पुन: शुरू कर दिया गया है। मौसम साफ होने के बाद प्रशासन ने पिछले दो दिनों के बैकलॉग को ध्यान में रखते हुए सामान्य कोटे से अधिक यात्रियों को आगे बढ़ने की अनुमति दी। रविवार को कुल 589 यात्रियों को यात्रा के लिए रवाना किया गया, जिसमें ऑनलाइन पंजीकरण : 194 यात्री, ऑफलाइन पंजीकरण : 306 यात्री, एडवैंचर टूर ऑप्रेटर एसोसिएशन : 89 यात्री, कुल 589 यात्री रवाना हुए। विदित रहे कि पिछले दो दिनों से यात्रा बाधित रहने के कारण यात्रियों की संख्या काफी बढ़ गई थी।
स्थिति को नियंत्रित करने और व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव से बचने के लिए रविवार को निर्धारित सामान्य सीमा (375 यात्रियों) के बजाय 589 यात्रियों को एक साथ यात्रा पर भेजा गया ताकि सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से भेजा जा सके। खराब मौसम के कारण पिछले दो दिनों से बाधित रही किन्नौर कैलाश यात्रा को लेकर प्रशासन ने यात्रा की अवधि को 15 अगस्त तक बढ़ा दी है। इसी दिन इसका आधिकारिक समापन किया जाएगा। बता दें कि पूर्व में किन्नर कैलाश यात्रा 30 जुलाई से 10 अगस्त तक तय थी।
मौसम खराब होने पर रोकी जा सकती है यात्रा, प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी :
किन्नर कैलाश यात्रा को लेकर जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं एवं यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किन्नर कैलाश यात्रा पूर्णतः मौसम और स्थानीय परिस्थितियों पर आधारित है जहां श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मौसम खराब होने या प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण प्रशासन यात्रा को तांगलिंग से मलिंग खट्टा या आगे की राह पर अस्थायी रूप से रोका जाता है तो यात्रियों को तुरंत निर्देशों का पालन करना होगा। इस दौरान कोई भी यात्री पुलिस या प्रशासन के निर्देशों की अवहेलना करता है या सुरक्षा में तैनात कर्मियों के साथ सहयोग नहीं करता है तो उसका पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा और नियम तोड़ने वाले यात्रियों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जा सकती है।
एसडीएम कल्पा पीके भारद्वाज ने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और श्रद्धालुओं की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार का अनावश्यक जोखिम न उठाएं और यात्रा को सुरक्षित एवं सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस व प्रशासन का पूर्ण सहयोग करें अन्यथा प्रशासन को कठोर कदम उठाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।