Shimla: जंक फूड और मोबाइल ने बिगाड़ी बच्चों की सेहत, डॉक्टर की सलाह

Edited By Kuldeep, Updated: 27 Sep, 2026 05:56 PM

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बच्चों की बदलती दिनचर्या और खान-पान की आदतें अब उनकी सेहत को प्रभावित करने लगी हैं। घर के पौष्टिक भोजन को छोड़ अब बच्चे फास्ट फूड, पैकेट वाले स्नैक्स और मीठे पेय पदार्थों का ज्यादा सेवन कर रहे हैं, वहीं मोबाइल और टीवी पर अधिक समय बिताने से बच्चों...

शिमला (तनुजा): बच्चों की बदलती दिनचर्या और खान-पान की आदतें अब उनकी सेहत को प्रभावित करने लगी हैं। घर के पौष्टिक भोजन को छोड़ अब बच्चे फास्ट फूड, पैकेट वाले स्नैक्स और मीठे पेय पदार्थों का ज्यादा सेवन कर रहे हैं, वहीं मोबाइल और टीवी पर अधिक समय बिताने से बच्चों में शारीरिक सक्रियता भी कम हो रही है। इसका असर उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता, शारीरिक विकास और पढ़ाई में एकाग्रता पर पड़ सकता है।

रिपन अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अंकुर धर्माणी का कहना है कि बचपन शरीर और मस्तिष्क के विकास का महत्वपूर्ण चरण है। इस उम्र में बच्चों को नियमित रूप से संतुलित आहार मिलने के साथ पर्याप्त नींद, खेलकूद और सक्रिय दिनचर्या भी जरूरी है। केवल पेट भरने वाला भोजन पर्याप्त नहीं है, बल्कि भोजन में शरीर की जरूरत के अनुसार अलग-अलग पोषक तत्वों का होना भी आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि बच्चों के आहार में प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, जिंक और विभिन्न विटामिन पर्याप्त मात्रा में होने चाहिए। दालें, राजमाह, चना, सोयाबीन, दूध, दही, पनीर और अंडा जैसे खाद्य पदार्थ प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। हरी सब्जियां और मौसमी फल बच्चों को जरूरी विटामिन और खनिज उपलब्ध कराते हैं।

इन संकेतों को नजरअंदाज न करें
डॉ. धर्माणी के मुताबिक यदि बच्चा बार-बार बीमार पड़ रहा है, उसे लगातार कमजोरी महसूस होती है, भूख कम लगती है या उसका शारीरिक विकास अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो रहा है तो अभिभावकों को इस पर ध्यान देना चाहिए। बार-बार होने वाले संक्रमण, बालों और त्वचा में बदलाव तथा पढ़ाई के दौरान ध्यान केंद्रित करने में परेशानी जैसे लक्षणों के पीछे कई कारण हो सकते हैं। ऐसे में स्वयं दवा देने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है।

मोबाइल के साथ खेलकूद भी जरूरी
डॉक्टर ने अभिभावकों से बच्चों के स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करने की सलाह दी। लंबे समय तक मोबाइल या टीवी देखने से बच्चों की शारीरिक गतिविधियां कम हो सकती हैं और उनकी दिनचर्या प्रभावित हो सकती है। बच्चों को रोज कुछ समय खुले में खेलने और शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

डॉक्टर की सलाह
बच्चों को घर का ताजा और संतुलित भोजन दें।
रोज फल और हरी सब्जियां भोजन में शामिल करें।
पर्याप्त पानी पिलाएं।
बच्चों को नियमित रूप से खेलने और शारीरिक गतिविधि के लिए समय दें।
मोबाइल और टीवी का उपयोग सीमित रखें।
बच्चों की नींद पूरी होने दें।
टीकाकरण समय पर करवाएं।
स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।
डॉ. धर्माणी ने कहा कि बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए केवल पौष्टिक भोजन ही नहीं, बल्कि नियमित दिनचर्या और परिवार का सकारात्मक माहौल भी महत्वपूर्ण है।

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