Chamba: मृत व्यक्ति को अलॉट किया PM आवास...पहली किस्त भी कर दी जारी, अब पंचायत सचिव पर गिरी गाज

Edited By Vijay, Updated: 16 Sep, 2026 12:28 PM

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हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में हुए फर्जीवाड़े और लापरवाही के मामले का जिला प्रशासन ने कड़ा संज्ञान लिया है।

चम्बा: हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में हुए फर्जीवाड़े और लापरवाही के मामले का जिला प्रशासन ने कड़ा संज्ञान लिया है। मामले में सेईकोठी पंचायत के तत्कालीन पंचायत सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि ग्राम रोजगार सेवक के खिलाफ भी सख्त एक्शन लिया गया है।

ऐसे हुआ मामले का पर्दाफश
यह पूरा फर्जीवाड़ा तीसा ब्लॉक की ग्राम पंचायत सेईकोठी के ओहला गांव का है। सनवाल पंचायत के मकन गांव निवासी मान सिंह ने इस भ्रष्टाचार की पोल खोली। उन्होंने ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के निदेशक को लिखित शिकायत और मृत्यु प्रमाण पत्र सौंपते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 की लाभार्थी सूची में नरवाड़ निवासी भागी पुत्र दसरावन का नाम दर्ज किया गया है। तथ्यों के अनुसार भागी की मृत्यु 12 मार्च 2024 को ही हो चुकी थी। नियमतः लाभार्थी का भौतिक सत्यापन होना जरूरी है, लेकिन मृत व्यक्ति का न सिर्फ सत्यापन पास कर दिया गया, बल्कि उसे 1.30 लाख रुपए  की सहायता राशि स्वीकृत कर 65 हजार रुपए की पहली किस्त भी जारी कर दी गई। मान सिंह ने इस मामले में रिकवरी और आपराधिक केस दर्ज करने की मांग की थी।

जांच में खुली पोल, सत्यापन में पाई गई गंभीर खामियां
शिकायत मिलने के बाद बीडीओ तीसा ने मामले की जांच की और 11 सितम्बर को अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी। इस जांच रिपोर्ट में पीएमएवाई-जी के लाभार्थियों के सत्यापन, रिकॉर्ड की जांच और तय प्रक्रियाओं के पालन में बड़े स्तर पर अनियमितताएं उजागर हुईं। यह साफ हो गया कि पंचायत स्तर पर बिना ग्राऊंड जीरो पर गए ही कागजों में सरकारी पैसा बांट दिया गया।

सचिव और रोजगार सेवक के खिलाफ हुई कार्रवाई
जांच रिपोर्ट के आधार पर चम्बा जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी  एवं एडीसी अमित मेहरा ने मंगलवार को सख्त प्रशासनिक कार्रवाई के आदेश जारी किए। सेईकोठी पंचायत के तत्कालीन पंचायत सचिव प्रताप सिंह को इस लापरवाही के आरोप में सस्पैंड कर दिया गया है। वहीं संबंधित ग्राम रोजगार सेवक को एक महीने का कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाबतलब किया गया है, साथ ही बीडीओ तीसा को निर्देश दिए गए हैं कि वह ग्राम रोजगार सेवक को उसकी मौजूदा पंचायत से तुरंत प्रभाव से स्थानांतरित करें।

क्या कहते हैं अधिकारी?
एडीसी अमित मेहरा ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं में लापरवाही और अनियमितता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि जांच में शिकायतकर्ता के आरोप सही पाए गए हैं, जिसके आधार पर सचिव का निलंबन और रोजगार सेवक पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।

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