Chamba: समय पर उपचार न मिलने से डेढ़ साल की बच्ची की मौत, परिजनों ने किया हंगामा

Edited By Kuldeep, Updated: 06 Sep, 2026 10:03 PM

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मैडीकल कालेज एवं अस्पताल चम्बा में रविवार को डेढ़ वर्षीय बच्ची की उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सकों पर बच्ची के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।

चम्बा (काकू चौहान): मैडीकल कालेज एवं अस्पताल चम्बा में रविवार को डेढ़ वर्षीय बच्ची की उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सकों पर बच्ची के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। उपमंडल चुराह की ग्राम पंचायत सेईकोठी के गांव नरवाड़ निवासी कुलदीप सिंह ने बताया कि उनकी डेढ़ वर्षीय बेटी कृतिका की छाती जाम थी और उसमें खून की कमी के लक्षण थे।

उन्होंने सोचा कि नागरिक अस्पताल तीसा के बजाय मैडीकल कालेज एवं अस्पताल चम्बा में बच्ची को बेहतर और त्वरित उपचार मिल सकेगा। इसके चलते वह रविवार को शाम करीब चार बजे बच्ची को लेकर मैडीकल कालेज पहुंचे, लेकिन बच्ची को तुरंत दाखिल नहीं किया गया। शाम करीब 5:30 बजे बच्ची को एडमिट किया गया। पिता का आरोप है कि दाखिल करने के बाद उन्हें एक्स-रे करवाने के लिए भेजा गया, लेकिन वहां कोई भी स्वास्थ्य कर्मी मौजूद नहीं मिला। इसके उपरांत दो अन्य टैस्ट करवाने के लिए कह दिया, जिसके लिए उन्हें बाहर निजी लैब के चक्कर काटने पड़े।

निजी लैब से टैस्ट करवाकर जब वह वापस लौटे तो स्टाफ ने कहा कि बच्ची को भाप देनी पड़ेगी और इंजैक्शन लगेगा। उन्होंने कहा कि आपातकालीन कक्ष पूरी तरह से इंटर्न डाक्टरों के हवाले छोड़ा गया था और कोई भी विशेषज्ञ या वरिष्ठ डाक्टर वहां नहीं था। मरीज की सुध लेने वाला कोई मौजूद नहीं था। बच्ची करीब पौने घंटे तक तड़पती रही, लेकिन कोई डाक्टर देखने तक नहीं आया। बच्ची के दम तोड़ने से महज 15 मिनट पहले एक डाक्टर देखने पहुंचे। इस दौरान बच्ची को इंजैक्शन लगाया और भाप दी, उसके तुरंत बाद बच्ची पूरी तरह अचेत हो गई और उसने दम तोड़ दिया।

उन्होंने प्रशासन व सरकार से मामले की जांच की मांग उठाई है और ड्यूटी में कोताही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है। बता दें कि इससे पहले भी मैडीकल कालेज चम्बा में इस तरह के मामले सामने आ चुके है, लेकिन उसके बाद भी स्वास्थ्य सेवाओं में कोई सुधार नहीं हुआ।

मां बोली ऐसे अस्पताल को सरकार बंद करे
बच्ची की मां ने रोते-बिलखते हुए कहा कि अगर मैडीकल कालेज में गंभीर बच्चों को समय पर सही उपचार नहीं मिल सकता तो ऐसे अस्पताल को सरकार को तुरंत बंद कर देना चाहिए।

मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी : डा. प्रदीप
उधर, मैडीकल कालेज के एमएस डा. प्रदीप ने कहा कि परिजन बच्ची के शव को अपने साथ ले गए हैं। परिजनों द्वारा लगाए गए लापरवाही के आरोपों को गंभीरता से लिया गया है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। इसके लिए एक विशेष जांच कमेटी गठित की जाएगी। जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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