Edited By Kuldeep, Updated: 08 Oct, 2026 07:14 PM

नगर निगम चुनाव की मतदाता सूची में 4037 वोटों को लेकर सामने आई गड़बड़ियों पर जवाब देने की बजाय कांग्रेस विधायक इधर-उधर की बातें कर रहे हैं।
पालमपुर (भृगु): नगर निगम चुनाव की मतदाता सूची में 4037 वोटों को लेकर सामने आई गड़बड़ियों पर जवाब देने की बजाय कांग्रेस विधायक इधर-उधर की बातें कर रहे हैं। उन्हें मुद्दे पर बात का जवाब देना चाहिए। यह बातें भाजपा नेता त्रिलोक कपूर ने कहीं। यहां जारी प्रैस बयान में भाजपा नेता ने कहा कि विधायक द्वारा यह जानकारी देना सही है कि मेरा वोट बैजनाथ के फटाहर गांव की मतदाता सूची में है। कपूर ने यह स्पष्ट किया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी, क्योंकि लगभग 15 वर्ष पहले उन्होंने स्वयं चुनाव आयोग को अपनी सहमति देकर अपना वोट वहां से डिलीट करने के लिए कहा था, इसके बावजूद उनका और उनकी पत्नी का वोट वहां से नहीं काटा गया।
कपूर ने कहा कि उन्होंने आज ही बैजनाथ प्रशासन को दोबारा लिखकर दिया है कि उनका और उनकी पत्नी का वोट वहां से तत्काल काटा जाए। भाजपा नेता ने कहा कि यही वह विसंगति है, जिसके आधार पर भाजपा एसआईआर की मांग कर रही है। सवाल यह है कि जब एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूचियों का व्यापक सत्यापन और शुद्धिकरण होगा, तो फिर किसी का नाम गलत स्थान पर कैसे रह पाएगा। विधायक भी यह स्पष्ट करें कि वह एसआईआर के पक्ष में हैं या नहीं। अगर नहीं हैं तो क्या वह नहीं चाहते कि वोटों का शुद्धिकरण हो।
त्रिलोक कपूर ने कहा कि उनके दोनों बच्चों की आयु 18 वर्ष पूरी होने के बाद पहली बार वोट बना, उन्होंने अभी तक मतदान किया ही नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके बच्चों का वोटर कार्ड उनके अपने नाम से संबंधित सूर्यदेव होटल के पते पर बना है और वह संपत्ति भी उनकी ही है। उनके आधार कार्ड पर भी यही पता दर्ज है। कपूर ने कहा कि यदि मेरी प्रैस कॉन्फ्रैंस कॉमेडी सर्कस है, तो फिर राहुल गांधी की प्रैस कॉन्फ्रैंस भी कॉमेडी सर्कस”होनी चाहिए और कांग्रेस विधायक द्वारा आयोजित पीपीटी प्रैस कॉन्फ्रैंस भी उसी श्रेणी में आनी चाहिए।
वोट चोरी मामले में हाईकोर्ट जाऊंगा
कपूर ने कहा कि अच्छा होता कि विधायक अपनी बहन, अपने चुनावी एजैंट, अपने पीएसओ और अपने लेखाकार के परिवार से जुड़े दोहरे वोटों पर भी प्रकाश डालते। त्रिलोक कपूर ने कहा कि इस कथित वोट चोरी के पूरे मामले को लेकर वह उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे और मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच करवाने के लिए हरसंभव कानूनी कदम उठाएंगे।