Edited By Kuldeep, Updated: 29 Aug, 2026 05:29 PM

पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने कहा कि घाटे में चल रही सरकारी कंपनियों के बीच इंडियन रेलवे फाइनांस कॉर्पोरेशन (आईआरएफसी) ने वित्तीय अनुशासन और बेहतर प्रबंधन का शानदार उदाहरण पेश किया है।
पालमपुर (भृगु): पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने कहा कि घाटे में चल रही सरकारी कंपनियों के बीच इंडियन रेलवे फाइनांस कॉर्पोरेशन (आईआरएफसी) ने वित्तीय अनुशासन और बेहतर प्रबंधन का शानदार उदाहरण पेश किया है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में आईआरएफसी ने 7,009.17 करोड़ रुपए का कर पश्चात लाभ अर्जित किया, जो पिछले वित्त वर्ष के 6,502 करोड़ रुपए के मुकाबले 7.80 प्रतिशत अधिक है। शांता कुमार ने कहा कि निगम की ऋण परिसंपत्तियां 4.84 लाख करोड़ रुपए से अधिक पहुंच गई हैं, जबकि ओवरड्यू लोन और एनपीए दोनों शून्य रहे। निगम की परिसंपत्तियां भी करीब 85 हजार करोड़ रुपए तक पहुंची हैं।
उन्होंने इसे निगम के करीब 40 वर्ष के इतिहास की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए शून्य एनपीए का रिकॉर्ड कायम करना सराहनीय है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि निगम के सीएमडी मनोज कुमार दुबे के नेतृत्व में हासिल हुई है। दुबे ने अक्तूबर 2024 में सीएमडी का कार्यभार संभाला था। शांता कुमार ने कहा कि निगम का पूंजी पर्याप्तता अनुपात 110.91 प्रतिशत रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से आईआरएफसी के अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के लिए रेलवे वित्त निगम की कार्यप्रणाली एक बेहतर उदाहरण है।