Edited By Kuldeep, Updated: 29 Sep, 2026 06:30 PM

पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री शान्ता कुमार ने कहा कि जम्मू कश्मीर असैम्बली में एक बार फिर एक प्रस्ताव द्वारा भारत सरकार से पूर्ण राज्य की मांग की है।
पालमपुर (भृगु): पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री शान्ता कुमार ने कहा कि जम्मू कश्मीर असैम्बली में एक बार फिर एक प्रस्ताव द्वारा भारत सरकार से पूर्ण राज्य की मांग की है। इस विषय पर विधानसभा में लम्बी बहस हुई। भारतीय जनता पार्टी को छोड़ कर बाकी सभी पार्टियों ने प्रस्ताव का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कश्मीर में धारा 370 लंबे समय तक लागू रही। भारत की एकता के लिए भारत के माथे पर भारत के लिए इस धारा को कलंक समझा जाता था। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में इस धारा को समाप्त करने के लिए लंबा आंदोलन हुआ। मेरा सौभाग्य है कि 1953 में 19 वर्ष की आयु में सत्याग्रह किया और आठ महीने तक जेल में रहा था। भारतीय जनता पार्टी के सभी बड़े नेताओं के साथ लगभग 80 हजार लोग जेल में रहे। डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान हुआ परन्तु कश्मीर की धारा 370 समाप्त नहीं हुई।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विशेष प्रयत्न करके इस धारा को समाप्त किया और भारत के माथे का यह कलंक मिट गया। शान्ता कुमार ने कहा उसके बाद जम्मू कश्मीर में चुनाव करवाए गए। प्रदेश की जनता ने शान्तिपूर्वक तरीके से उस चुनाव में भाग लिया। आज भारत के अन्य प्रदेशों की तरह जम्मू कश्मीर भी एक प्रदेश के रूप में भारत का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के नेता कई बार कहते रहे की जम्मू कश्मीर में सब प्रकार की अनुकूल परिस्थिति होने के बाद पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में इस बात को दोहराया था। शान्ता कुमार ने कहा कि इतना सब कुछ होने के बाद भी जम्मू कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा न देना न्याय पूर्ण नहीं लग रहा। मेरी तरह भारत के करोड़ों लोग चाहते हैं कि अब धारा 370 समाप्त हो गई, चुनाव शान्तिपूर्वक हो गया इसलिए जम्मू कश्मीर को पूर्ण राज्य से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
शान्ता कुमार ने कहा कि जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला कई बार भारत के पक्ष में अपने विचार प्रकट करते रहे। मुझे लगता है कि वे बाकी मुख्यमंत्रियों की तरह केन्द्र के निकट आना चाहते हैं। धारा 370 समाप्त हो गई, चुनाव शान्तिपूर्वक सम्पन्न हो गए। इस सबके बाद भी जम्मू कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा न देना किसी भी रूप में उचित नहीं लगता। शान्ता कुमार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से विशेष आग्रह किया है कि वे भारत के इस महत्वपूर्ण प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा अतिशीघ्र दिलवाए। मेरा सुझाव है कि प्रधानमंत्री स्वयं कश्मीर जाए और एक बहुत बड़ा ऐतिहासिक भव्य कार्यक्रम करे और उसमें जम्मू कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाए। उन्होंने कहा कि डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान और मेरी तरह लगभग 80 हजार कार्यकर्त्ताओं का जेल में जाना तभी सार्थक होगा यदि जम्मू कश्मीर को अन्य प्रदेशों की तरह पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाए।