Edited By Swati Sharma, Updated: 15 Aug, 2026 11:11 AM

Shimla News : राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) ने पुलिस के एक उप अधीक्षक (डीएसपी) द्वारा लगाए गए जाति आधारित उत्पीड़न के आरोपों के मामले में शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह एवं सतर्कता) और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को 20...
Shimla News : राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) ने पुलिस के एक उप अधीक्षक (डीएसपी) द्वारा लगाए गए जाति आधारित उत्पीड़न के आरोपों के मामले में शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह एवं सतर्कता) और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को 20 अगस्त को नयी दिल्ली में उसके समक्ष पेश होने के लिए कहा है।
एक आधिकारिक नोटिस के अनुसार, एनसीएससी के सदस्य पार्थ बिस्वास इस मामले की सुनवाई करेंगे। अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह एवं सतर्कता) आर डी नजीम और पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी को मामले से जुड़े सभी प्रासंगिक दस्तावेज, रिकॉर्ड, और इस संबंध में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट साथ लाने के निर्देश दिए गए हैं।
आयोग ने यह भी संकेत दिया है कि शिकायतकर्ता उपाधीक्षक (डीएसपी) विजय कुमार रघुवंशी को भी सुनवाई के दौरान उपस्थित रहने के लिए कहा जा सकता है। यह विवाद रघुवंशी का सरकारी वाहन वापस लिए जाने के बाद शुरू हुआ था। एनसीएससी को तीन जून को दी गई अपनी शिकायत में डीएसपी ने आरोप लगाया कि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को लिफ्ट देने के बाद उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई। उन्होंने इस घटना को "जाति आधारित उत्पीड़न" बताया। आयोग ने शिकायत मिलने के बाद 30 जून को तत्कालीन कार्यवाहक डीजीपी तिवारी को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी थी।
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