Edited By Vijay, Updated: 16 Jun, 2026 07:50 PM

हिमाचल प्रदेश में नशे के सौदागरों के खिलाफ ऊना पुलिस का एक्शन लगातार जारी है। पुलिस अब सिर्फ मोहरों को नहीं, बल्कि ड्रग नैटवर्क की जड़ों (मुख्य सप्लायरों) को उखाड़ने में लगी है। मंगलवार को आयोजित एक प्रैस कॉन्फ्रेंस में जिला पुलिस अधीक्षक सचिन...
ऊना (अमित): हिमाचल प्रदेश में नशे के सौदागरों के खिलाफ ऊना पुलिस का एक्शन लगातार जारी है। पुलिस अब सिर्फ मोहरों को नहीं, बल्कि ड्रग नैटवर्क की जड़ों (मुख्य सप्लायरों) को उखाड़ने में लगी है। मंगलवार को आयोजित एक प्रैस कॉन्फ्रेंस में जिला पुलिस अधीक्षक सचिन हीरेमठ ने नशा तस्करी के खिलाफ एक और बड़ी कामयाबी सांझा की। एसपी ने बताया कि ऊना पुलिस ड्रग नैटवर्क की जड़ों तक पहुंचने के लिए बैकवर्ड लिंकेज की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है।
गौरतलब है कि बीती 3 मई को ऊना पुलिस ने संतोषगढ़ क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए अब तक की सबसे बड़ी खेप 1.005 किलोग्राम चिट्टा बरामद किया था। इस मामले में ऊना के 3 आरोपियों को मौके से पकड़ा गया था। पुलिस उन तीनों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी थी कि आखिर इतनी बड़ी खेप कहां से आई। इन्हीं कड़ियों को जोड़ते हुए ऊना पुलिस की टीम ने पंजाब के जालंधर में रेड की और इस पूरे खेल के मुख्य सप्लायर को दबोच लिया। पुलिस के हत्थे चढ़े इस मुख्य सप्लायर की पहचान तरसेम लाल निवासी जिला शहीद भगत सिंह नगर/नवांशहर (पंजाब) के रूप में हुई है। जांच में खुलासा हुआ है कि इसी आरोपी ने ऊना के तस्करों को वह 1 किलो चिट्टे की खेप सप्लाई की थी।
प्रैस कॉन्फ्रेंस के दौरान एसपी ने ड्रग माफियाओं को सख्त लहजे में चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऊना पुलिस नशे के खिलाफ जीरो टॉलरैंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नशे के इस अवैध कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस पूरे नैटवर्क को बैक सपोर्ट देने वाले अन्य सफेदपोशों और सप्लायरों की भी पहचान की जा रही है। ऐसे सभी लोगों की फाइलें तैयार हो रही हैं और जल्द ही उन्हें भी सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा। इस बड़ी गिरफ्तारी के बाद पंजाब से हिमाचल में नशा सप्लाई करने वाले अंतर्राज्यीय तस्करों में हड़कंप मच गया है।
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